पानीपत। बिजली निगम उपभोक्ताओं के लिए एक राहत भरी खबर है। अब आपके पुराने बिजली बिलों को महज एक माह में ठीक किया जाएगा। वहीं, एक ऐसी प्रणाली के तहत काम किया जाएगा ताकि आपका बिजली बिल कभी गलत ही न आए। अब ऑटो मोड पर आपके बिल ठीक भी होंगे और गलत बिजली बिलों को ठीक करवाने के लिए निगम कार्यालय में चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे। इसके लिए मीटर रीडरों को भी नई तकनीकी के स्मार्ट मीटरों से रीडिंग लेने, रीडिंग अपडेट करने, बिल बनवाने तक की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए शनिवार से ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके लिए निगम ने ट्रेनिंग शेड्यूल भी जारी कर दिया है।
बता दें कि जुलाई माह में गलत बिजली बिलों की संख्या करीब 50 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी थी। इनको ठीक करने के लिए निगम अधिकारियों ने खुले दरबार लगाए, सीजीआरएफ टीम भी खुले दरबार का आयोजन करती रही। निगम अधिकरियों के प्रयास से अगस्त तक इनकी संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई। अब ऐसे गलत बिजली बिल केवल 25 हजार ही बचे हैं। इनके निवारण और आने वाले बिलों को बिल्कुल सही करने के लिए शुक्रवार को एसई एसएस ढुल ने सेक्टर 6 स्थित 33 केवी पावर हाउस में निगम के सभी अधिकारियों की बारी बारी से बैठक ली।
निगम अधीक्षण अभियंता एसएस ढुल ने बताया कि शुक्रवार को निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर बिजली बिल गलत आने के छोटे से छोटे कारणों की अहम समीक्षा की गई ताकि इन समस्याओं को ही जड़ से खत्म किया जा सके और भविष्य में किसी को गलत बिल ही न मिले। इससे निगम का भी समय बचेगा और लोगों को भी राहत मिलेगी। इस बैठक में निगम सर्कल की तीनों डिविजन उनकी सभी सब डिविजन के एक्सईएन व एसडीओ रैंक के अधिकारियों को शामिल किया गया। जिसके बाद जेई रैंक के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। इसके बाद एलडीसी, यूडीसी रैंक समेत मीटर रीडरों उनकी फर्म के साथ भी बातचीत कर गलत बिजली बिलों का पूरा ब्यौरा और उनके कारणों की जांच की गई। इसके साथ सभी से सुझाव भी मांगे गए कि इस समस्या को खत्म कैसे किया जा सके।
जांच पड़ताल में ये आया सामने
एसई एसएस ढुल ने बताया कि पूरी जांच पड़ताल में सामने आया कि नए स्मार्ट मीटर में बिजली बिल लेते समय मीटर रीडर को परेशानी आ रही है। नई तकनीक पूरी तरह से उनकी समझ में नहीं आई है। इसके बाद रीडिंग को कंप्यूटर में फीड करने में भी बिजली बिल गलत बन जाते हैं। इसके समाधान के लिए सभी मीटर रीडर को शनिवार से मीटर रीडिंग के लिए ट्रेनिंग देने का फैसला लिया गया है।
इस दौरान मीटर रीडर, एलडीसी, यूडीसी, क्लर्क, जेई, एसडीओ, एक्सईएन के साथ सीए सेक्शन लेवल के सभी अधिकारियों में उनके काम को लेकर सामंजस्य बैठाया गया है, ताकि किसी भी एक कर्मचारी या अधिकारी की लापरवाही का खामियाजा सभी को न भुगतना पड़े। काम ऑटो मोड में ऐसे चले कि किसी को कोई परेशानी ही न हो।