पानीपत में रेल कर्मचारी की लड़की के अपहरण के आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट होगा। लड़की का अपहरण एक साल पहले हुआ था।
अपहरण के मामले को कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में तीसरी बार रखने के बाद भी पेंडिंग रखते हुए अध्यक्ष ने पुलिस को पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के आदेश दिए हैं। वहीं शिकायतकर्ता ने प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी पर रोष जताया।
लघु सचिवालय के द्वितीय तल स्थित मीटिंग हाल में एक बार फिर समालखा के रेलवेकर्मी नरेंद्र की शिकायत पर सुनवाई हुई। बैठक के अध्यक्ष डीसी समीर पाल सरो ने शिकायतकर्ता और पुलिस दोनों का पक्ष सुना। लेकिन पुलिस की तरफ से कोई खास रिपोर्ट नहीं रखी। पीड़ित पक्ष की गुहार के बाद डीसी ने आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट के आदेश दिए।
पुलिस को यह टेस्ट 27 सितंबर को कराना होगा और उसकी रिपोर्ट अगली मीटिंग में रखनी होगी। शिकायतकर्ता ने अपहरण के मामले में लापरवाही को खतरनाक बताया और पुलिस की अनदेखी पर रोष व्यक्त किया। गौरतलब है कि पुलिस की अनदेखी पर पिछली बैठक में ही जांच समालखा डीएसपी बली सिंह से लेकर डीएसपी बदन सिंह राणा को सौंप दी थी।
यह है पूरा मामला
समालखा की रेलवे कालोनी निवासी ने पुलिस को शिकायत दी थी और कष्ट निवारण समिति में न्याय की गुहार लगाई थी। नरेंद्र का आरोप है कि नौ जुलाई को उसकी नाबालिग लड़की का पड़ोस के ही एक लड़के और उसके साथियों ने अपहरण कर लिया। पुलिस ने उसकी काफी मशक्कत के बाद 20 अगस्त को अपहरण का मामला दर्ज किया। पुलिस इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है और न ही उसकी लड़की को बरामद किया जा सका है। आरोपी सरेआम घूम रहे हैं और उस पर लगातार दबाव बना रहे हैं।
एक्सईएनकी दलील पर ठहाके
बिजली निगम के एक एक्सईएन की कार्यप्रणाली पर सदन में ताली बजी तो दूसरे एक्सईएन की सफाई पर सदन हंसी से गूंज उठा। समालखा एक्सईएन नसीब सिंह चौहान की कार्यप्रणाली की सभी लोगों ने सराहना की। लोगों का कहना था कि एक्सईएन चौहान 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं। एक व्यक्ति ने कहा कि डीसी बेशक फोन न उठाते हों। लेकिन एक्सईएन फोन जरूर उठाते हैं।
वहीं मॉडल टाउन एक्सईएन कशिक मान की सफाई पर सदन ठहाकों से गूंज उठा। एक व्यक्ति की बिजली से संबंधित शिकायत थी। एक्सईएन कशिक मान ने मौका देखने और मामले की तह तक पहुंचने के लिए दीवार तक फांदने की सफाई दी। शिकायतकर्ता भरे सदन में एक्सईएन को झूठला दिया। शिकायतकर्ता ने कहा कि जहां की शिकायत है, वह दीवार ही नहीं है।