पानीपत। किशोरों में डेंगू तेजी से पैर पसार रहा है। पिछले दो-तीन साल से लगभग 20 प्रतिशत किशोर इसकी चपेट में आ रहे हैं।
डेंगू से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिससे लोग जागरूक भी हो रहे हैं। पिछले साल की बात करें तो 314 केस डेंगू के आए थे। इस साल अब तक कोई भी केस डेंगू का नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से लोगों में जागरूकता फैल रही है। लोग अब स्वास्थ्य के प्रति सचेत हो रहे हैं।
मौसम में बदलाव के साथ डेंगू की हर किसी को चिंता सताने लगती है। इसी को देखते हुए हर साल पहले ही जागरूकता के साथ फॉगिंग करना शुरू कर देते हैं। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए निगम व पंचायत विभाग को फॉगिंग की दवा उपलब्ध कराता है। स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों पर नजर डाले तो किशोर और युवाओं में डेंगू के मामले बढ़ने लगे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में एक ब्लड सेपरेटर मशीन है। हर रोज सौ सैंपल की जांच की जाती है।
शहर से लेकर गांवों में चलाया जा रहा अभियान
स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव डोर टू डोर जाकर लोगों को डेंगू व मलेरिया के खिलाफ जागरूक कर रही है। टीम घरों में जाकर फ्रिज की ट्रे, कूलर, हौदी आदि में लार्वा की जांच कर रही है। यदि किसी घर में लार्वा मिल जाता है तो उन्हें नोटिस दिया जाता है और इसके समाधान के बारे में बताया जाता है। अभियान से लोग जागरूक भी हो रहे हैं। इसी का परिणाम है कि इस साल अब तक कोई भी डेंगू का नहीं मिला है। डेंगू एडीज प्रजाति के मच्छरों द्वारा फैलता है। इससे बुखार आता-जाता रहता है।
प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना चाहिए और डेंगू-मलेरिया आदि बीमारी से स्वयं को बचाना चाहिए। डेंगू से बचाव के लिए लोगों को अपने आस-पास पानी खड़ा नहीं होने देना चाहिए। खड़े पानी में टेमीपोस की दवा डालनी चाहिए। ताकि डेंगू न फैल सके।
रात को सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए। लोगों को अपने आस-पास साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए। समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच करवाते रहना चाहिए।