पानीपत। खंदरा गांव के सतीश चोपड़ा के बेटे नीरज चोपड़ा ने मां सरोज को वादा किया था कि इस बार कुछ करके आऊंगा। उसने यह वादा पोलैंड में आयोजित वर्ल्ड जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 86.48 मीटर जैवलिन थ्रो कर पूरा कर दिया। इसके साथ ही उसने जर्मनी के थोमस हिंग्स का 84.69 का वर्ल्ड रिकार्ड भी तोड़ दिया। नीरज के वर्ल्ड चैंपियन बनने पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी है। जीत के सथ ही गांव और परिवार में जश्न का माहौल है।
पोलैंड में 11 जुलाई को आयोजित ओलंपिक क्वालीफाई प्रतियोगिता में चूकने के बाद खंदरा गांव के नीरज चोपड़ा ने 23 जुलाई को पोलैंड में आयोजित वर्ल्ड जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 86.48 मीटर जैवलिन थ्रो कर वर्ल्ड रिकार्ड बना दिया। इससे पहले थोमस हिंग्स ने कई साल पहले 84.69 जैवलिन थ्रो कर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया था। उसकी जीत पर पीएम ट्विट किया कि आपको भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं। इंडियन और हरियाणा एथलेटिक्स संघ ने भी नीरज चोपड़ा को बधाई दी है। नीरज चोपड़ा ने रात को घर फोन कर इसकी जानकारी परिवारजनों को दी।
परिवार और दोस्तों के बिना नहीं तोड़ पाता रिकार्ड
वर्ल्ड चैंपियन नीरज चोपड़ा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि पांच साल पहले दोस्तों के कहने पर जैवलिन थ्रो शुरू की। परिवार ने उनको कोचिंग दिलवाई। दोस्तों ने प्रोत्साहित किया। उनकी मदद से ही यहां पहुंच पाए हैं। उन्होंने बताया कि वह रेसलिंग में कॅरियर बनाना चाहते थे, लेकिन दोस्तों के कहने पर जैवलिन को चुना। मां सरोज उसकी सेहत का बहुत ध्यान रखती थीं।
ऑलपिंक में गोल्ड लाना है सपना
नीरज चोपड़ा ने बताया कि वह ओलंपिक में क्वालिफाई करने से चूक गए। वर्ल्ड चैंपियनशिप में कोच, परिवार और दोस्तों को पदक लाने का वादा किया था। वह संतुष्ट है कि उसने वर्ल्ड रिकार्ड को तोड़ा है। उसका असली सपना अगले ओलंपिक में स्वर्ण पदक लाना है।
परिवार बनाना चाहता था पहलवान
नीरज चोपड़ा के चाचा भीम सिंह ने बताया कि जब नीरज 14 साल का था, तो उसका वेट 80 किलोग्राम था। उन्होंने नीरज को जिम करवाना शुरू किया। नीरज बेहद ताकतवर था। इसलिए वह उसे पहलवान बनाना चाहते थे। नीरज के दोस्त जयबीर, सौरव, राहुल आदि ने उसको जैवलिन थ्रो के लिए कहा। उसकी स्टाइल देख उन्होंने नीरज को जेवलिन थ्रो की सलाह दी। उन्होंने पानीपत के शिवाजी स्टेडियम में नीरज चोपड़ा के लिए कोच हायर किया था।
वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले दूसरे एथलिट बने
देश के महान धावक मिल्खा सिंह 50 साल पहले 45 सेंकंड में 400 मीटर रेस पूरी कर वर्ल्ड चैंपियन बने थे। मिल्खा सिंह के बाद नीरज चोपड़ा दूसरे ऐसे एथलीट हैं, जो वर्ल्ड चैंपियन बने हैं।