नेशनल चैंपियनशिप में जीतने के बाद मैडल दिखाती हुई राधिका राणा।
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पानीपत। राज्य स्तरीय कुश्ती चैंपियनशिप जीतने के बाद राधिका ने अमेठी में आयोजित अंडर-23 नेशनल चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीतकर मैच अपने नाम किया। राधिका ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत के दौरान बताया कि वह पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित थीं, जिसकी वजह से वह अभ्यास भी नहीं कर पा रहीं थीं। राधिका ने बताया कि मैच से दो घंटे पहले उसने बुखार की दवाई खाई। इसके बाद मैच खेला और जीत दर्ज की।
राधिका का कहना है कि मैच खेलने से पहले उनके मन में संशय थी कि कहीं वह इस मैच में कमजोर तो नहीं पड़ जाएंगी लेकिन जैसे ही वह मैट पर चढ़ी तो उन्हें लगा कि अब मैच जीतना उनकी तबीयत से ज्यादा जरूरी है और फाइनल में उन्होंने यूपी की खिलाड़ी को 10-0 से चित करके स्वर्ण पदक जीता।
सेमीफाइनल में पंजाब और फाइनल में यूपी की खिलाड़ी को किया चित
राधिका ने बुखार होने के बाद भी अपने खेल में कोई कमी नहीं आनी दी। नेशनल चैंपियनशिप में न केवल खेली बल्कि खिलाड़ियों को बुरी तरह हराने का काम किया है। राधिका का सेमीफाइनल पंजाब की लड़की के साथ हुआ जिसमें उसने 5-0 से पंजाब की खिलाड़ी को चित किया। इसके बाद उनका फाइनल मैच पंजाब की टीम के साथ हुआ जिसमें उन्होंने यूपी की खिलाड़ी को 10-0 से हराया।
चार साल से कमर दर्द को दरकिनार करके खेलती हैं कुश्ती
चार साल पहले कमर में चोट लगने के कारण राधिका को स्लिप डिस्क हो गई। इस कारण उन्होंने इलाज करवाया और कुछ समय तक रेस्ट भी किया लेकिन जब आराम नहीं हुआ तो वह अपने की तरह ही वह खेलने लग गई। राधिका का कहना है कि वह रोजाना स्पेशल व्यायाम भी करती हैं ताकि उनका कमर दर्द दिन भर कम रहे। वहीं राधिका हर मैच से पहले कमर दर्द को कम करने के लिए स्प्रे लगाकर मैदान में उतरती है ताकि कुछ समय के लिए उनका दर्द कम रहे और उनके खेल में बाधा न डाले। राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में व अंडर-23 नेशनल चैंपियनशिप में भी राधिका ने स्प्रे लगाकर ही सारे मैच खेले है। राधिका इस समय हिसार के हरियाणा योद्धा अकेडमी में अभ्यास कर रही हैं। राधिका का कहना है कि अब उनका अगला फोकस अगले साल का एशियन गेम्स है।