माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। पुलिस विभाग में महिलाओं की संख्या अनुपात में कम है। इसके बावजूद भी महिला पुलिसकर्मी जिले में हर मोर्चे पर मुस्तैदी से तैनात हैं। आधी आबादी की सुरक्षा से लेकर यातायात संभालने में भी अपना पूरा सहयोग दे रही हैं। खास बात यह है कि कई बड़ी वारदातों के खुलासे में महिला पुलिस कर्मियों का अहम योगदान रहा है।
महिला पुलिसकर्मियों के सम्मान में 12 सितंबर को राष्ट्रीय महिला पुलिस मनाया जाता है। औद्योगिक नगरी पानीपत की वर्तमान आबादी करीब 22 लाख है। जिनमें से करीब 10 लाख संख्या महिलाओं की है। इसके बावजूद भी जिले में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या पुरुष पुलिसकर्मियों के मुकाबले मात्र 14.45 प्रतिशत हैं। जिले में पुरुष पुलिसकर्मियों की संख्या 1896 हैं। वहीं महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 274 ही है। इनमें चार इंस्पेक्टर, 13 सब इंस्पेक्टर, 20 एएसआई, 41 हवलदार और 186 महिला सिपाही जिले में तैनात हैं।
इतनी कम संख्या होने के बावजूद भी महिला पुलिसकर्मी हर मोर्चे पर मुस्तैदी से तैनात हैं। महिला इंस्पेक्टर किरण थाना सेक्टर-13-17 संभाल रही हैं। वहीं महिला इंस्पेक्टर रेखा लंबे समय से महिला थाने की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। इसके साथ ही यातायात संभालने में भी महिला पुलिसकर्मी अहम योगदान दें रही हैं। महिला अपराध से निपटने में में निभा रही विशेष भूमिका
पानीपत में महिलाओं से संबंधित अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। अपराध को रोकने और महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ महिला पुलिसकर्मी सख्त कार्रवाई कर रही हैं। यहां तक की पानीपत की महिला से कुरुक्षेत्र में हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले के खुलासे में महिला थाना प्रभारी रेखा ने अहम भूमिका निभाई थी। जिसमें उन्होंने पीड़ित महिला से बात कर यह पता लगाया था कि वारदात कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर हुई हैं। इसके बाद ही आगे का खुलासा हुआ था।
महिला पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी का पालन पूरी ईमानदारी से कर रही हैं। महिला संबंधित अपराध की रोकथाम में उनका अहम योगदान है।
सतीश वत्स, डीएसपी मुख्यालय।