फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिलीवरी के बाद महिला की मौत

Sat, 08 Aug 2015 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी अस्पताल के इलाज पर एक बार फिर सवाल उठ गया है।
विज्ञापन


इस बार तहसील कैंप में रहने वाली एक महिला की डिलीवरी के बाद मौत हो गई। महिला आगरा के पास एक गांव की रहने वाली थी और अपने परिवार के साथ पानीपत में रह रही थी।

महिला ने सेक्टर-25 स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे को जन्म दिया था और डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग होने पर तबीयत बिगड़ गई थी।

परिजनों ने सिविल अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों ने पहले अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने और फिर शव को पैतृक गांव में ले जाने को एंबुलेंस मुहैया न कराने का आरोप लगाया।
विज्ञापन


तहसील कैंप फतेहपुरी चौक पर रहने वाले कुछ लोगों ने शुक्रवार को सिविल अस्पताल में जमकर बवाल काटा और सरकारी डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। मनीष ने बताया कि वह आगरा जिले के जगनेर गांव का रहने वाला है और यहां पर मेहनत मजदूरी करता है।

उसने अपनी पत्नी सोनिया को वीरवार सुबह 10 बजे सेक्टर-25 स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी के लिए दाखिल कराया। उसकी पत्नी ने चार बजे लड़की को जन्म दिया। डॉक्टरों ने बच्ची का वजन कम होने पर सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया और उसको मशीन में रखवा दिया।

उसकी पत्नी सोनिया को वहीं पर दाखिल कर लिया। आरोप है कि उसकी पत्नी को डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग शुरू हो गई। डॉक्टरों ने करीब पांच बजे सोनिया को सिविल अस्पताल में भेज दिया। सिविल अस्पताल में भी डॉक्टरों ने सोनिया ने पीजीआई खानपुर रेफर कर दिया।

जहां पर सोनिया की देर रात करीब एक बजे मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि पीजीआई खानपुर प्रशासन ने इसमें कोई सहयोग नहीं किया और एक स्लिप बनाकर भेज दिया। वे सिविल अस्पताल में पहुंचे तो यहां पर भी उनकी कोई सुनवाई नहीं की। वे शव लेकर घूमते रहे।

दादी सफेदी देवी ने बताया कि वह बहू सोनिया की मौत के बाद बेहद दुखी हैं। उसने बताया कि उसका लड़का मनीष 2001 में आगरा से पानीपत आया था।

उसकी ढाई साल पहले सोनिया के साथ शादी हो गई। उनको एक लड़का पैदा हुआ और वीरवार को घर में लक्ष्मी आई। वे लड़की पैदा होने पर खुश थे, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही के चलते उसकी बहू की मौत हो गई।

सिविल अस्पताल प्रशासन के इलाज और बच्चों के रखरखाव में पहले भी सवाल उठ चुके हैं। सिविल अस्पताल में डिलीवरी के बाद बच्चा बदलने का एक मामला तो शांत नहीं हो पाया।
विज्ञापन


इस मामले ने पुलिस और डॉक्टरों की परेशानी लगातार बना रखी है। वहीं इससे पहले डिलीवरी के बाद जच्चा की मौत होने के कई मामले आ चुके हैं।

महिला की डिलीवरी के बाद मौत होने का मामला जानकारी में नहीं है और न ही किसी ने कोई शिकायत दी है। इस तरह की कोई शिकायत मिलती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. इंद्रजीत धनखड़, सीएमओ, पानीपत
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें