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संदिग्ध ब्लैक फंगस से महिला की मौत, दो और संदिग्ध रोगी मिले

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महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कलंदर चौक निवासी एक महिला की आंखों की सर्जरी के दौरान मौत हो गई। निजी अस्पताल का दावा है कि महिला ब्लैक फंगस की मरीज थी। उसकी मौत का कारण ब्लैक फंगस हो सकता है। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी जानकारी से साफ इंकार कर दिया है। विभाग का कहना है कि मामले की जांच होगी, मरीज की हिस्ट्री खंगाली जाएगी। अब तक जिले से 24 संदिग्ध रोगियों को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा चुका है। इनमें से 15 रोगी सिविल अस्पताल से रेफर हुए हैं। 9 मरीजों की रिपोर्ट निजी अस्पतालों से मिली है। मंगलवार को भी सिविल अस्पताल में 20 लोगों की जांच की गई। इनमें ब्लैक फंगस के दो संदिग्ध रोगी मिले हैं। इन्हें भी जांच के लिए खानपुर रेफर किया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब जिले में ब्लैक फंगस एक कंफर्म केस है। जबकि ब्लैक फंगस के मरीजों की जांच करने वाली कमेटी ने अब तक 15 संदिग्ध रोगियों को खानपुर मेडिकल कॉलेज में एमआरआई, बॉयस्पी व एंडोस्कॉपी के लिए रेफर किए हैं। इनमें ब्लैक फंगस के सभी लक्षण थे। निजी अस्पतालों के अनुसार ये संख्या 30 से अधिक है।
अगर देरी की तो आंखें निकालने की नौबत आ जाएगी : डॉ. शालिनी
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शालिनी मेहता ने बताया कि फंगस नाक के जरिये आंख में और फिर दिमाग में जाता है। ये आंख के आसपास के भाग को सड़ा देता है। स्थिति गंभीर होने पर आंख निकालने की नौबत आ सकती है। इसलिए लोगों से अपील है कि वो लक्षण मिलने के बाद देरी न करें। कई ऐसे संदिग्ध मरीज आए हैं जिन्हें काफी लंबे समय से लक्षण हैं। जो शुगर के रोगी हैं या कोरोना का शिकार हो चुके हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड का इस्तेमाल न करें।
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हमारे संज्ञान में नहीं है मौत का मामला : डॉ. गर्ग
महिला की मौत का मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। अगर मौत हुई है तो जांच होगी। इसके बाद ही मरीज की मौत के कारण स्पष्ट होंगे। स्वास्थ्य विभाग ब्लैक फंगस को लेकर गंभीर है। कमेटी लगातार मरीजों की जांच कर रही है, जिन मरीजों में लक्षण मिल रहे हैं, उन्हें खानुपर मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है।
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-डॉ. शशि गर्ग, डिप्टी सिविल सर्जन
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