समालखा। हथवाला रोड स्थित एक निजी अस्पताल में महिला बलविंद्र कौर (26) निवासी राकसेडा की प्रसव के दो दिन बाद रविवार को मौत हो गई। महिला के परिजनों ने अस्पताल के डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव अस्तपाल में रखकर हंगामा शुरू कर दिया।
आशा वर्कर व निजी अस्पताल संचालकों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों ने आशा वर्कर व अस्पताल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की तहरीर दी। उधर, मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला के परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया तथा मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। राक्सेडा निवासी खजान सिंह ने पुलिस को दी शिकायत मे बताया कि वह मेहनत मजदूरी करता है। उसकी शादी करीब एक साल पहले सफीदो के गांव रोड में बलविंदर कौर के साथ हुई थी। उसकी पत्नी आठ माह की गर्भवती थी। जिसकी डिलीवरी के लिए डॉक्टरों ने 22 सितंबर की तारीख दी थी। खजान सिंह ने बताया कि 15 अगस्त को जांच करने के लिए अपनी पत्नी बलविंदर कौर को लेकर समालखा के सामान्य अस्पताल पहुंचा मगर छुट्टी होने के कारण वहा डॉक्टर न मिलने पर आशा वर्कर उन्हें हथवाला रोड स्थित एक दैविक अस्पताल में ले गई। जहां डॉक्टर ने ऑपरेशन कर प्रसव कराया। महिला ने लड़के को जन्म दिया। जिसे पानीपत एक अस्पताल के आईसीयू में रखा गया। 17 अगस्त को डॉक्टरों ने दोपहर करीब डेढ़ बजे अपनी प्राइवेट गाड़ी में पत्नी बलविंदर कौर को घर पहुंचा दिया। 10 से 15 मिनट बाद बलविंदर कौर की तबीयत बिगड़ गई। तभी परिजन बलविंदर कौर को लेकर वापस अस्पताल पहुंचे। जहां बलविंदर कौर ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पति की शिकायत ले ली है। मामले में जांच की जा रही है।
अस्पताल की महिला चिकित्सक मनीषा सहरावत ने बताया कि महिला डिलीवरी के बाद बिल्कुल ठीक ठाक थी। अपने पैरो पर चलकर गाडी मे बैठी थी। उन्हें लगता है कि महिला की स्वास नली में खाया पिया चला गया है। जिसके चलते उसकी मौत हुई है। महिला ऑपरेशन के बाद अच्छे से घूम फिर रही थी। इस लिए उसे छुट्टी दे दी गई।