पानीपत। कितना मुश्किल रहा होगा उस मां का संघर्ष जिसने पति की हत्या का झूठा आरोप सात साल सहा। उन्होंने इस दौरान लोगों के ताने भी सुने और अपने इकलौते बेटे को अपने बेटों को पैरों पर खड़ा किया है।
संघर्ष की यह कहानी है मॉडल टाउन की सुदेश कुमारी की। सुदेश कुमारी ने बताया कि उनका मायका नौल्था गांव में है और उनकी शादी कवी गांव में हुई थी।
1996 में उनका बेटा अंकित मात्र छह महीने का था तब उनके पति हत्या कर दी गई थी। वह उस समय वह अपने मायका नौल्था गांव में थी। वह पति की हत्या का पता चलते ही अपनी ससुराल गईं तो उस पर ही उसके पति की हत्या का आरोप लगा दिया गया। इसमें सात साल तक केस चला और वह एक दिन सबूतों के आधार पर बरी हुई। वह लोगों के तानों से तंग आकर अपने मायका में ही रहने लगीं। यहां भी उसे हर दिन किसी न किसी के ताने सुनने पड़ते थे। उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाया-लिखाया। उन्होंने सोच लिया था कि बेटा अगर पढ़-लिखकर कुछ बना तभी जीवन आसान हो सकता है। उन्होंने अपने बेटे अंकित को 12वीं कक्षा तक गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ाया। अंकित ने पढ़ाई के दौरान जूस की दुकान पर भी काम किया। यहां लोगों के जूठे बर्तन भी साफ किए।
उन्होंने बेटे को कभी हिम्मत नहीं हारने दी। हर कदम पर उनका साथ दिया। अंकित ने धीरे-धीर मेहनत कर पैसे जोड़े। अंकित का आज खुद का शेयर मार्केट का काम है। अंकित के पास पानीपत, मतलौडा और करनाल में फ्रेंचाइजी है। अब अपना ढाबा है और मॉडल टाउन में खुद का घर है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका मॉडल टाउन जैसे पॉश क्षेत्र में अपना मकान होगा। बेटे ने मेहनत कर आज सबको चुप करा दिया है। अंकित ने बताया कि मेरी मेरी मां ने बहुत कुछ सहन किया। इतने संघर्ष के साथ उनको पढ़ाया लिखाया है। वह आज जो भी है अपनी मां की बदौलत है।