विधवा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महिला विकास निगम की ओर से योजना शुरू की गई है। योजना के तहत बैंक के माध्यम से तीन लाख रुपये तक ऋण लेकर विधवाएं अपना रोजगार शुरू कर सकती हैं।
उपायुक्त सुशील सारवान ने बताया कि पानीपत में फिलहाल 50 विधवा महिलाओं को ऋण देकर रोजगार शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है। जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये तक और आयु 18 से 55 वर्ष है, वे इस योजना की पात्र होंगी। कुल ऋण का 10 प्रतिशत हिस्सा महिला को स्वयं वहन करना होगा। बाकी राशि बैंकों के माध्यम से दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बैंक ऋण के ऊपर लगे ब्याज की प्रतिपूर्ति महिला विकास निगम की ओर से सब्सिडी के रूप में की जाएगी। ब्याज की अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये होगी।
ये रोजगार शुरू कर सकती हैं महिलाएं
विधवा महिलाओं बुटीक, सिलाई-कढ़ाई, ई-रिक्शा, मसाला, आचार इकाई, खाद्य प्रसंस्करण, कैरी बैग का निर्माण, बेकरी, रेडीमेड गारमेंट्स, कंप्यूटर जॉब आदि का काम शुरू कर सकती हैं। कार्य शुरू करने से पहले उन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी।
महिला विकास निगम की योजना का लाभ लेकर स्वावलंबी बन सकती हैं। अपने कारोबार से उन्हें रोजगार की समस्या नहीं रहेगी।
-सुशील सारवान, उपयुक्त पानीपत