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नए टेंडर के बाद भी क्यों नहीं हो रही सफाई, पार्षद करेंगे सवाल

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पानीपत। नगर निगम सदन की बैठक 30 मई को प्रस्तावित है। इसमें मुख्य रूप से सरकार की ओर से भेजा गया 63 कॉलोनियों को नियमित करवाने का प्रस्ताव पास किया जाएगा। अब तक शहर के पार्षदों से अन्य कोई एजेंडें नहीं मांगे गए हैं लेकिन बैठक में सफाई के मुद्दे पर हंगामे के आसार बनते जा रहे हैं। चार जोन में शहर की सफाई के टेंडर पर काम भी शुरू हो चुका है लेकिन अब तक वार्डों में गंदगी का आलम है। कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। नाले और नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, जिसे लेकर पार्षद काफी नाराज हैं।
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पार्षदों का कहना है कि वे सदन की बैठक में निगम अधिकारियों और मेयर से सवाल करेंगे कि नए सिरे से 3.5 करोड़ का टेंडर देने के बाद भी शहर में सफाई क्यों नहीं हो रही है। उन्हें जो कर्मचारियों, मशीनरी का आश्वासन दिया गया था अब तक नहीं मिल पाया है। आखिर शहर की सफाई कैसे होगी। इसे लेकर वार्ड पार्षद एकजुट होने लगे हैं।
वार्ड नंबर 18 के पार्षद बलराम मकौल, वार्ड नंबर 22 से चंचल डाबर और वार्ड नंबर 23 के पार्षद अशवनी धींगड़ा ने कहा कि उनके वार्डों में न तो सफाई कर्मचारी पूरे भेजे जा रहे हैं और न मशीनरी। वार्डों में सफाई नहीं हो रही। गंदगी के ढेर लगे हैं। कूड़ा उठाने वाले तक नहीं आते। जबकि सफाई एजेंसियों का बिल वर्क ऑर्डर के पहले दिन से बनना शुरू हो गया है। एक बार फिर से शहर पर सफाई का खर्च बढ़ रहा है लेकिन सफाई फिर नहीं हो पा रही है। जनप्रतिनिधि और शहर की सरकार इस पर मौन क्यों है।
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सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट भी खुद वार्डों का दौरा कर शहर की सफाई के धरातल पर हालात जांच रहे हैं। वे निगम अधिकारियों को चेतावनी तक दे चुके हैं कि क्या पार्षदों के कहने पर ही सफाई होगी। वैसे सफाई नहीं होगी। भट्ट दोनों एजेंसियों के कर्मचारियों, मशीनरी और काम की समीक्षा तक कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर हाल में या तो शहर से गंदगी की सफाई होगी या टेंडर लेने वाली एजेंसियों की सफाई होगी।
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