पानीपत। 21 लाख रुपये बिल आने के विरोध में महिला उपभोक्ता के ढोल बजाने के अगले दिन बिजली निगम की गलत बिल की पोल खुल गई। विभाग ने महिला का बिल दुरुस्त करते हुए 38 हजार कर दिया। साथ ही जेई अनिल के खिलाफ निगम ने चार्जशीट जारी की है। हालांकि महिला अब भी ऑफलाइन भेजे गए इस बिल से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि ऑनलाइन बिल अब भी अपडेट नहीं हुआ है।
बिजली बिल अधिक आने से सब डिवीजन बिजली निगम कार्यालय में मंगलवार को महिला उपभोक्ता ने अनोखे तरीके से विरोध जताया था। संत नगर की रहने वाली 65 वर्षीय सुमन के 60 गज के घर का बिजली बिल 21 लाख 89 हजार रुपये आया था। इसके बाद बुजुर्ग महिला ने बिजली निगम में ढोल-ताशे बजवाए और अधिकारियों के लिए मिठाई लेकर पहुंच गईं थीं। उनका कहना है कि वह अभी भी बिल से संतुष्ट नहीं हैं। बिजली निगम के अधिकारियों ने ऑफलाइन बिल ठीक कर मेरे घर पर भेज दिया है। ऑनलाइन चेक करने पर अभी भी उतना ही बिल दिख रहा है। यदि इस तरह से ही ठीक करना था तो कोई भी कागज पर अपने आप लिखकर ठीक कर देगा। मुख्य कार्य तो यह है कि इस बिल को ऑनलाइन अपडेट किया जाए। कहा कि निगम यदि इसी तरह उनके साथ मजाक करता रहा तो उन्हें अपने घर को बेचने के बारे में सोचना पड़ेगा। उनका कहना है कि उनके आस पड़ोस में भी इस तरह से बिल ठीक किया गया था, वहीं अगले महीने फिर उस बिल को जोड़कर भेज दिया जाता है। कोर्ट में पेश होने पर कहा जाता है कि उस समय बिल को एडजेस्ट किया गया था।
2019 में संत नगर की रहने वाली सुमन का बिजली बिल अचानक 12 लाख रुपये आया था, जबकि पिछले महीने उन्होंने सारा बिल भर दिया था। सुमन ने बताया कि 12 लाख रुपये उनके पास नहीं हैं। इसके कारण वह बिल नहीं भर पाईं और लगातार इस बिल पर ब्याज लगता जा रहा है। वहीं निगम में ढोल बजने और प्रदर्शन के बाद जब बिल चेक किया गया तो पता चला कि सुभाष गौतम के नाम का मीटर सुमन के घर रिप्लेस किया गया था, जिसको जेई अनिल ने अपडेट नहीं किया था। उसके खिलाफ बिजली निगम ने चार्ज शीट जारी कर दी है। सुमन के बिजली बिल में देखा गया तो उसमें दो महीने की 99 हजार रीडिंग आई थी। जबकि दो किलोवाट मीटर में इतनी रीडिंग साल भर में भी नहीं आ सकती है।