पानीपत। पश्चिम बंगाल की एक कंपनी श्रमिकों के करीब 15 करोड़ रुपये लेकर भाग गई। कंपनी के पानीपत में तीन कार्यालय थे। अब तीनों बंद हैं। ये कंपनी पश्चिम बंगाल के श्रमिकों की धनराशि निवेश करती थी। निवेशकों ने कंपनी के अधिकारियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया हैं।
निवेशकों ने सोमवार को जिला सचिवालय पर कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की और उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया व पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह को शिकायत दी। दोनों अधिकारियों ने श्रमिकों को इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पीपी कपूर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जिले में आकर्षक निवेश का लालच देकर जमा कर्ताओं को ठगने वाली कंपनियां बेरोकटोक सक्रिय हैं ।
ह्यूमन सोसाइटी कंपनी के ठगी का मामला अभी शांत नहीं हुआ कि पानीपत में कंपनी ट्राइरिम इंफ्राकोन इंडिया लिमिटेड व इसी के अंतर्गत ट्राइरिम म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड बुनकर मजदूरों के करोड़ों रुपये ले गई। उन्होंने बताया कि पानीपत के उद्योगों में मूल रूप से जिला उत्तरदीनाज पुर (पश्चिमी बंगाल) से पानीपत आए काफी सारे बुनकर मजदूरों वर्षों से दिहाड़ी मजदूरी कर रहे हैं । करीब चार वर्ष पहले कलकत्ता की ट्राईरिम इंफ्राकोन इंडिया लिमिटेड कंपनी व इसी के अधीन ट्राईरिम म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड के मुख्य एजेंट मुहम्मद जमील, मैनेजर ताहिर, कर्मतुल्ला ने आकर्षक ब्याज देने व निवेश सुरक्षित होने की निजी गारंटी देकर करीब दो हजार बंगाली मजदूरों के बचत खाते खोल दिए। बचत खातों व एफडी , आरडी, म्यूचुअल बेनिफिट खाते खुलवा कर करीब 15 करोड़ रुपये का निवेश कला लिया ।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब निवेशकों के जमा रुपये लौटाने का वक्त आया तो कंपनी मैनेजर व एजेंट टाल मटोल करने लगे। इस ट्राईरिम इंफ्राकोन इंडिया लिमिटेड का रजिस्टर्ड ऑफिस भोपाल व हेड ऑफिस कलकत्ता में हैं । पिछले करीब चार वर्ष से कंपनी के संजय चौंक, ताऊ देवी लाल कांपलेक्स व शोंधापुर जाटल रोड पर अपने तीन कार्यालय बना रखे थे ।
कंपनी ने अपना बैंक भी चला रखा था । सेक्टर 29 फ्लोरा चौक निवासी मजदूर जाहीर आलम व उनकी पत्नी रुकिया बेगम ने बताया कि उन्होंने 28 फरवरी 2023 को एजेंट मुहम्मद जमील के झांसे में आकर सारी जिंदगी की बचत के चार लाख रुपये की एफडी एक वर्ष की अवधि के लिए कराई थी। अगस्त 2024 को इस एफडी की अवधि पूरी गई। उसे आज तक जमा राशि नहीं दी गई । इसी तरह नफीस ने 2.80 लाख, अलमा खातून ने 1.87 लाख, सलेहा खातून के 80 हजार, प्रसन्नजीत किरतानिया के 1.44 लाख, परबीन के 1.40 लाख, मंजरी के 82 हजार, संजरी के दो लाख), अख्तरी बेगम के एक लाख व नर्गिस के छह हजार समेत करीब दो हजार बुनकर मजदूरों से करीब 15 करोड़ रुपये ठग लिए हैं । ब्यूरो