लंबे चौड़े दावों के बाद न तो रैनीवेल प्रोजेक्ट सिरे चढ़ सका और न ही मुख्यमंत्री की घोषणा के हर वार्ड में दो-दो ट्यूबवेल लग सके। अप्रैल माह आने के बाद भी जन स्वास्थ्य विभाग ट्यूबवेल लगाने के केवल दावे ही कर रहा है। ऐसे में अबकी बार गर्मी सीजन में फिर से शहरवासियों को पेयजल की समस्या से दो-चार होना पड़ेगा। शहर की कई कॉलोनियों में तो आज भी पानी का संकट हो गया है। लोगों को पेयजल को लेकर काफी दूर जाना पड़ता है। प्रशासन व विभाग लोगों के धरने व प्रदर्शन के बाद भी नहीं जाग पाया है।
हम बता दें कि शहर में पेयजल समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए सरकार द्वारा रैनीवेल प्रोजेक्ट तैयार किया थाए लेकिन यह आज तक सिरे नहीं चढ़ पाया है। इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा अगस्त 2015 में प्रत्येक वार्ड में दो-दो ट्यूबवेल लगाने की घोषणा की थी। बाहरी कॉलोनियों में ट्यूबवेल लगाने के प्रस्ताव को विभाग ने खारिज कर दिया और अब शहर के वार्डों में ट्यूबवेल लगाने की परमिशन दी गई। मुख्यमंत्री की दोनों घोषणएं अटक गई।
रैनीवैल प्रोजेक्ट फाइनेंस डिपार्टमेंट में अटका
शहर वासियों को पेयजल संकट से निजात दिलाने के लिए तैयार किए गए रैनीवेल प्रोजेक्ट अब फाइनेंस डिपार्टमेंट में अटका हुआ है। विभागीय अधिकारियों अनुसार करीब चार सौ करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया थाए लेकिन अब तक सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। कई बार एस्टीमेट बदल चुके हैं।
सभी पार्षद कहां ट्यूबवेल की जरूरत है लिखकर दे चुके है
पार्षदों ने बताया कि शहर के एक से 24 वार्डों के पार्षद ट्यूबवेल लगवाने के लिए जगह चिन्हित कर लिखकर प्रशासन को कई बार दे चुके हैं लेकिन आज तक उस जगह पर कोई ट्यूबवेल नहीं लग पाया है। कॉलोनीवासियों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। वहीं अब 24 में से 15 वार्डों को अप्रूव करते हुए ट्यूबवेल लगाने की मंजूरी दी थी। लेकिन इन वार्डों की हालात भी ज्यों की त्यों बनी हुई है इनमें भी कोई ट्यूबवेल नहीं लग सके हैं।
शहर में करीब 263 ट्यूबवेल से हो रहा पानी सप्लाई
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों अनुसार शहर में करीब 263 ट्यूबवेल चालू हालत में है। जिनसे पेयजल सप्लाई दी जा रही है। लेकिन ये ट्यूबवेल शहर वासियों की प्यास बुझाने में नाकाफी साबित हो रहे है। आए दिन किसी न किसी कॉलोनी में धरने प्रदर्शन प्रशासन व सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया जाता है।
गर्मी सीजन से पहले ट्यूबवेल लगा पाना मुश्किल
नगर निगम पार्षदों व कॉलोनी वासियों का सवाल है कि सरकार व प्रशासन गर्मी सीजन से पहले ट्यूबवेल लगाते हुए पेयजल समस्या को दूर करना मुश्किल है। सीएम घोषणा के करीब आठ महीने के बाद भी ट्यूबवेल नहीं लग पाए है। विभाग 31 मार्च से पहले ट्यूबवेल लगाने का दावा ठोक रहे थे।
मांग के 55 में से 45 एमएलडी पानी ही हो पाता है सप्लाई
शहर को पर्याप्त पेयजल मुहैया नहीं हो रहा है। विभाग द्वारा 45 एमएलडी पानी ही सप्लाई किया जा रहा है। औसतन दस एमएलडी पानी कम लोगों को मिल रहा है। हम बता दें कि विभाग प्रति व्यक्ति प्रति दिन के हिसाब से पानी देने का वायदा करता हैए लेकिन शहर में यह सब सरकारी आंकड़ों में दर्ज है।
वार्ड में पीने के पानी की समस्या के चलते लोगों का जीना दूभर हो गया है। सरकार व प्रशासन की अनदेखी के चलते आजतक ट्यूबवेल नहीं लग पाया है। एमसी व शहरी विधायक को गुहार लगाकर थक चुके हैए लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। धरने प्रदर्शन करने के बावजूद भी प्रशासन व सरकार नींद से नहीं जागा है। अब की बार गर्मी सीजन में भी पीने के पानी की समस्या से दो-चार होना पड़ेगा।
पूजा, निवासी वार्ड-10
वार्ड में ट्यूबवेल लगाने की घोषणा होने के बाद भी आज तक ट्यूबवेल नहीं लग पाया है। ऐसे में पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता है। विधायक व नगर निगम अधिकारियों से पीने के पानी की व्यवस्था के लिए कई बार मांग की गई लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे कॉलोनी वासियों में सरकार व प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। गर्मी सीजन में हर बार पीने के पानी की समस्या झेलनी पड़ती है।
मोनिका, निवासी वार्ड-10
शहर में सीएम घोषणा के अनुसार प्रत्येक वार्डों में ट्यूबवेल लगाने काम शुरू कर दिया गया। गर्मी सीजन शुरू होने से ज्यादातर वार्डों में ट्यूबवेल लग जाएंगें। इससे पेयजल की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। रैनीवेल प्रोजेक्ट फाइनेंस डिपार्टमेंट में विचाराधीन है। इसको भी जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी।
राजेश कौशिक, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग पानीपत।