पानीपत। पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा के आह्वान पर सोमवार को जिला उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को मांगपत्र सौंपा गया। मांग पत्र में कहा गया कि दो मार्च 2022 से शुरू हो रहे बजट सत्र में प्रदेश के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जाए। ऐसा न होने पर प्रदेश स्तरीय आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
जिला प्रधान विजय शर्मा की अध्यक्षता में पेंशन बहाली की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसायटी, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ, हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन, आबकारी एवं कराधान कर्मचारी संघ, डिप्लोमा इंजीनियर एसोसिएशन, परिचालक कल्याण संघ हरियाणा, ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन, सलाह, राजकीय अध्यापक संघ, यूनिवर्सिटी फेडरेशन, पीजीआई टीचिंग व नॉन टीचिंग एसोसिएशन, हरियाणा कॉलेज टीचर एसोसिएशन, मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन, हजरस व अन्य विभागीय कर्मचारी संगठनों ने अपना समर्थन दिया।
जिला महासचिव चरण सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था को खत्म कर बाजार आधारित एनपीएस व्यवस्था लागू कर दी गई, जिसे नहीं माना जाएगा। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रधान महाबीर सहरावत ने कहा कि एनपीएस एक अन्यायकारी व्यवस्था साबित हुई है। हसला प्रधान अजेंद्र कुंडू ने कहा कि उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विधानसभा चुनाव से पहले पेंशन बहाली संघर्ष समिति और प्रदेश के कर्मचारियों से घोषणा पत्र में वादा किया था कि सरकार बनते ही पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू किया जाएगा। जिसे पूरा किया जाना चाहिए। इस दौरान राजेंद्र नैन, सुनील डबास, गुलाब सिंह, महिपाल, सुलतान मलिक, मोहित देशवाल आदि मौजूद रहे।