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कब्रिस्तान मामले में डीसी से मिले पलड़ी के ग्रामीण

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पानीपत। कब्रिस्तान की ग्रांट में गबन के आरोप को लेकर डीसी से मिलने पहुंचे पलड़ी गांव के लोग। - फोटो : Panipat
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पानीपत। इसराना के गांव पलड़ी में नए कब्रिस्तान की जगह बदलने को लेकर लोगों में रोष है। इसमें सरकारी ग्रांट गबन करने का आरोप लगाकर वीरवार को उपायुक्त से मुलाकात की गई। आरोप लगाया कि तत्कालीन सरपंच ने मिलीभगत कर कब्रिस्तान की जगह गांव से कई किलोमीटर दूर अलॉट करवा दी है। डीसी ने जांच का आश्वासन दिया है।
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जिला उपायुक्त से मुलाकात करने वालों गांव पलड़ी निवासी शिकायकर्ता नरेश, शरीफ, उमरद्दीन, अलीहसन, राजेंद्र, मेहरू, इमरान, जगन खान, प्रेम सिंह, नसीन, यामीन, धर्मबीर, सुमेर, श्याम लाल, वजीर, अमित, सुशील, रहिश, वजीर आदि शामिल रहे। इन्होंने गांव के तत्कालीन सरपंच और बीडीपीओ पर कई गंभीर आरोप लगाए। बताया कि गांव में आबादी के हिसाब से कब्रिस्तान की जगह कम है इसलिए जगह बढ़ाने की मांग पर प्रशासन ने आदेश दिए थे। तब तत्कालीन सरपंच ने उनके साथ बैठक कर एक रेजुलेशन पर हस्ताक्षर कराए और जिस जगह को उन्होंने बताया कि वहां कब्रिस्तान की जगह न देकर गांव से पांच किलोमीटर दूर जगह अलाट कर दी गई।
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने इसे लेकर सरपंच और बीडीपीओ से यहां जगह न लेने की मौखिक और लिखित मांग की लेकिन दोनों ने उनकी कोई सुनवाई नहीं। इसके बाद डीसी को एक शिकायत दी गई। तब बीडीपीओ व अन्य अधिकारियों ने फर्जी तरीके से राजीनामा दिखाकर उनकी शिकायत को रद्द करवा दिया। आरोप है कि इसराना के बीडीपीओ व तत्कालीन सरपंच कब्रिस्तान के साथ जान बूझकर छेड़छाड़ कर रहे हैं, जिससे गांव में माहौल खराब हो रहा है। मामले में डीसी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पुराने कब्रिस्तान के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी। साथ ही मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी।
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आरोप का जवाब : बिरादरी पार्टीबाजी का शिकार
इस मामले पर पलड़ी गांव के तत्कालीन सरपंच नरेश सहरावत ने सफाई दी। उन्होंने बताया कि मुस्लिम समुदाय के लोग पार्टीबाजी का शिकार हो चुके हैं। कुछ लोग कब्रिस्तान को जस के तस रखना चाहते हैं और कुछ लोग कब्रिस्तान के तबादले पर राजी हैं। इन लोगों की डिमांड पर ही पूरे नियम व कानून के हिसाब से कब्रिस्तान का तबादला किया था। कब्रिस्तान गांव के दो किलोमीटर के दायरे में ही है। ग्रांट में गबन की बात पूरी तरह से झूठी है। जिस ग्रांट की बात ये लोग कर रहे हैं, वह ग्रांट लैप्स होकर वापस चली गई है।
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