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डॉक्टर करेंगे हड़ताल : 13 दिसंबर को ओपीडी बंद

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पानीपत। सिविल अस्पताल में इमरजेंसी के बाहर एकत्रित हुए डॉक्टर। - फोटो : Panipat
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पानीपत। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएसए) ने 13 दिसंबर को एक दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है। वीरवार को एचसीएमएसए के पदाधिकारियों ने इमरजेंसी वार्ड के बाहर हड़ताल का बैनर लगा दिया है। लोगों को बताया गया है कि एसोसिएशन अपनी मांगों को लेकर 13 दिसंबर को हड़ताल रखेगी। यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो 14 दिसंबर से अनिश्चितकालीन इमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी। इतना ही शवों के पोस्टमार्टम भी रोक देने की बात कही गई है।
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एसोसिएशन ने सरकार को विशेषज्ञ काडर बनाने, पीजी पॉलिसी में बदलाव कर 40 प्रतिशत कोटा निर्धारित करने और एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाने की मांग रखी थी लेकिन सरकार ने उपेक्षा की। अपनी हड़ताल के लिए एसोसिएशन ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। गौरतलब है कि एचसीएमएसए अपनी मांगों को लेकर 23 नवंबर को डीसी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन सौंप चुकी है पर नतीजा सिफर रहा।
एचसीएमएसए के प्रदेश महासचिव डॉ. विरेंद्र ढांडा और जिला अध्यक्ष डॉ.राजीव मान ने बताया कि पे-स्केल के मामले में चिकित्सकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। एसोसिएशन ने अन्य राज्यों की तर्ज पर चार, नौ, 13 व 20 सालों में क्रमश: पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन(एसीपी) की मांग की थी। इसके अलावा एचसीएमएस चिकित्सकों को स्पेशल पैकेज या विशेषज्ञ चिकित्सकों को अतिरिक्त इंक्रीमेंट दिए जाने की मांग की जा रही है।
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उनकी मांग है कि प्रदेश में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए। सरकारी डॉक्टरों को पीजी में दाखिले के लिए 40 प्रतिशत कोटा मिलना चाहिए, ताकि सरकारी डॉक्टर पीजी कर सके। सरकार को डॉक्टरों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। वर्ष-2019 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से प्रदेश कमेटी के पदाधिकारियों की वार्ता हुई थी, मांग को स्वीकार कर लिया था। फाइनेंस विभाग को पे-स्केल दुरुस्त करने की बात कही थी लेकिन इसकी आज तक मंजूरी नहीं मिली है।
हरियाणा सरकार सीनियर मेडिकल ऑफिसर(एसएमओ) के रिक्त पद भरने के लिए सीधी भर्ती कर रही है। यह पहले से नौकरी कर रहे चिकित्सा अधिकारियों के हक पर कुठाराघात की तरह है। अब उन्होंने 13 दिसंबर को हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। इस दिन ओपीडी बंद रहेगी, इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो 14 दिसंबर से सभी प्रकार की इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दी जाएगी। यहां पर डॉ. केतन भारद्वाज, डॉ. कविता, डॉ. रितु व व डॉ. राघवेंद्र मौजूद रहे।
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