कलंदर दरगाह में चादरपोशी करते जायरीन। संवाद
पानीपत। कलंदर दरगाह के तीन दिवसीय साल उर्स का सोमवार को दूसरा दिन रहा। दरगाह में देशभर से आए जायरीन ने माथा टेककर अमन चैन की दुआ की। दिन में चादरपोशी की गई और शाम को कव्वालों ने एक से बढ़कर एक कव्वाली प्रस्तुत की। दमा दम मस्त कलंदर... कव्वाली ने सभी का मन मोहा और उर्स को यादगार बनाया।
खादिम अबू हब्जा ने बताया कि हरियाणा वक्फ बोर्ड द्वारा हजरत शरफुद्दीन बू अली शाह कलंदर का 727 वां वार्षिक तीन दिवसीय उर्स का सोमवार को दूसरा दिन रहा। दिन में अनेकों ने चादरपोशी की। सुबह सात बजे कुरान खानी और दस बजे फातिहा हुआ। दोपहर 12 बजे लंगर शुरू हुआ। शाम साढ़े पांच बजे फातेहा हुआ और साढ़े आठ बजे लंगर की व्यवस्था रही। रात दस बजे कव्वाली प्रस्तुत की गई। दमा दम मस्त कलंदर... कव्वाली ने माहौल को ऊर्जावान बनाया। बू अली शाह कलंदर की याद में कई भावपूर्ण कव्वालियां गाई गई। उर्स में देशभर से जायरीन ने माथा टेका और अमन चैन की दुआ की।
मंगलवार 31 मार्च को उर्स के तीसरे दिन समापन पर रात सवा नौ बजे कुरान का पाठ किया जाएगा। इसमें मुख्यातिथि हरियाणा वक्फ बोर्ड के प्रशासक जाकिर हुसैन अपना संबोधन देंगे। उसके बाद रात साढ़े दस बजे कव्वाली प्रस्तुत की जाएंगी। हजरत शरफुद्दीन के जीवन और शिक्षाओं के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।