पानीपत। नगर निगम चुनाव के अगले दिन ही भाजपा नेताओं में चल रहा अंतरकलह सामने आ गया। भाजपा में सिवाह मंडल के अध्यक्ष की नियुक्ति पर हंगामा मंच गया। इसके चलते जिलाध्यक्ष को शाम तक मंडलाध्यक्ष को बदलना पड़ा। कई नेताओं ने सूची बदलने को अंदरखाते की खींचतान बताया है।
दरअसल भाजपा के 16 में से तीन मंडलों की नियुक्ति बाकी थी। इनमें पानीपत ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के दो और इसराना विधानसभा के अंतर्गत एक मंडल बाकी था। भाजपा जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट ने सोमवार को तीनों मंडलों के अध्यक्षाें की नियुक्ति कर पत्र जारी कर दिया। इसकी सूचना प्रदेशाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों को दी। इसमें पानीपत ग्रामीण विधानसभा के अंतर्गत सिवाह मंडल का अध्यक्ष पवन नांदल डाहर को बनाया था।
इनके साथ कुटानी रोड मंडल के सुमित गर्ग और इसराना विस क्षेत्र के अंतर्गत पाथरी धाम के मंडलाध्यक्ष अटावला के प्रदीप देशवाल को बनाया। पार्टी के जानकारों ने बताया कि सिवाह मंडल के अध्यक्ष के नाम पर कई नेता और पदाधिकारी नाखुश नजर आए। जिलाध्यक्ष ने शाम को दूसरी सूची जारी की। इसमें प्रदीप खलीला को सिवाह मंडल के अध्यक्ष बनाए। सूची बदलने के बाद फिर से हंगामा मच गया। पवन नांदल डाहर के नजदीकी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने फैसला बदलने को गलत बताया।
वर्जन :
भाजपा अनुशासित पार्टी है। इसमें सबकी सलाह व चर्चा पर काम किया जाता है। तीन मंडलाध्यक्ष की नियुक्ति सोमवार को की है। एक में बदलाव पार्टी का आंतरिक मामला है। इसमें किसी प्रकार का अंतरकलह नहीं है।
- दुष्यंत भट्ट, जिलाध्यक्ष, भाजपा।