समालखा। पश्चिमी विक्षोभ के चलते बुधवार को समालखा व सनौली क्षेत्र में तेज बारिश हुई। करीब पांच एमएम बारिश में समालखा अनाज मंडी में पानी जमा हो गया। एजेंसियों के खरीदे गए धान के साथ किसानों का लाया धान भी भीग गया। ऐसे में प्रशासन के मंडी में फसल सुरक्षित के दावों की पोल खुल गई। धान भीगने से मंडी में आए किसानों की उम्मीद भी टूट गई। मौसम विशेषज्ञ ने शुक्रवार को भी बारिश का अनुमान जताया है।
बुधवार को सुबह से मौसम सामान्य था। आसमान में हल्के बादल छाए रहे। हवा की गति करीब छह किलोमीटर प्रतिघंटे रही। बुधवार सायं करीब पांच बजे एक साथ मौसम में बदलाव आया। समालखा व सनौली क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश आते ही मंडी में धान लेकर आए किसानों की परेशानी बढ़ गई। किसानों ने सुखाने के लिए फैलाई धान को इकट्ठा किया। उनको मार्केट कमेटी से धान की ढेरी ढकने के लिए कोई संसाधन नहीं मिले। आढ़तियों ने थोड़ा बहुत सहयोग किया।
किसानों के देखते-देखते धान बारिश में भीग गई। यही नहीं एजेंसियों के उठान न होने से खरीदा गया धान भी भीग गया। मनाना गांव के रमेश और कर्मबीर ने बताया कि किसान छह महीने खेत में मेहनत करता है। वह मंडी में उम्मीद के साथ आता है। यहां एजेंसी नमी बताकर कर धान खरीद से मना कर देती हैं। बारिश आने पर मंडी में भी फसल ढकने के संसाधन नहीं मिल पाते। मंडी में बनाए शेड भी अपर्याप्त हैं। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ आशीष कुमार ने बताया कि मौसम में परिवर्तन आया है। वीरवार को हल्के से मध्यम बादल छाए रह सकते हैं। शुक्रवार को मध्यम से कुछ तेज बारिश हो सकती है।
समालखा अनाज मंडी में एजेंसी के खरीदे धान के नीचे भरा बारिश का पानी। संवाद