फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महीने में 19 दिन बंद रहता है अल्ट्रासाउंड, गर्भवतियों का दर्द बढ़ा रहा स्वास्थ्य विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। सिविल अस्पताल भारी अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। अस्पताल के हर विभाग में या तो स्टाफ की कमी है या संसाधन नहीं हैं। इसलिए 42 करोड़ में बना सिविल अस्पताल रेफरल केंद्र बनकर रह गया है। सिविल अस्पताल में एक ही रेडियोलोजिस्ट है। उनकी भी माह में 15 दिन इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और कोर्ट में ड्यूटी रहती है। चार दिन रविवार का अवकाश होता है। इसलिए अल्ट्रासाउंड सेवाएं महीने में 19 दिन बंद रहती हैं। 11 दिन ही अल्ट्रासाउंड होते हैं। एक दिन में 30-35 महिलाओं के ही अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। इतनी ही महिलाएं बिना अल्ट्रासाउंड वापस लौट जाती हैं। महिलाओं को निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड के लिए आठ सौ से एक हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
विज्ञापन

इतना ही नहीं जो महिलाएं निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कराने में सक्षम नहीं होतीं, उनको अल्ट्रासाउंड के लिए 15-20 दिन की बुकिंग मिल रही है। ऐसे में गर्भवतियों का दर्द भी दोगुना बढ़ जाता है। इस गंभीर स्थिति में विपरीत प्रभाव जच्चा बच्चा पर पड़ सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग वर्षों बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं कर पाया है।
सिविल अस्पताल में 2018 में अल्ट्रासाउंड मशीन कंडम हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग दो वर्ष तक मशीन नहीं खरीद पाया था। विभाग ने दो साल तक गर्भवतियों के निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कराकर 50 लाख रुपये खर्च कर दिए थे, लेकिन अपनी मशीन नहीं खरीद पाया। 2020 नवंबर में एक संस्था ने अस्पताल को यह मशीन दान की थी। उसके बाद यहां अल्ट्रासाउंड शुरू हुए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें