संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। मानसून तेज होते ही डेंगू और मलेरिया का लार्वा बढ़ गया है। इससे जिले में डेंगू और मलेरिया संक्रमित मामले बढ़ने लगे हैं। कृष्णा गार्डन कॉलोनी में दो वर्षीय बच्ची मलेरिया संक्रमित मिली है। अब तक मलेरिया के सात और डेंगू के चार मामले सामने आ चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर लार्वा एक्टिविटी और डेंगू-मलेरिया संक्रमित मरीज मिलने वाले स्थान पर फॉगिंग करानी शुरू कर दी है। बारिश शुरू होते ही डेंगू और मलेरिया के मामले आने लगे हैं। सोमवार को कृष्णा गार्डन से दो वर्षीय बच्ची मलेरिया संक्रमित मिली है जिसका करनाल के कल्पना चावला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
इससे पहले हनुमान कॉलोनी से 45 वर्षीय महिला, बत्रा कॉलोनी से 35 वर्षीय महिला, पुरेवाल कॉलोनी से 25 वर्षीय पुरुष, मोतीराम कॉलोनी से 60 वर्षीय पुरुष, राजनगर से 23 वर्षीय महिला और जलालपुर द्वितीय से 71 वर्षीय पुरुष संक्रमित मिल चुके हैं। वहीं डेंगू के अब तक चार मामले सामने आए हैं जिनमें आठ मरला से 26 वर्षीय महिला, अहर से 10 वर्षीय बच्ची, बापौली से 76 वर्षीय पुरुष और गंगाराम कॉलोनी से 42 वर्षीय महिला संक्रमित मिल चुकी हैं।
स्वास्थ्य निरीक्षक जसमेर सिंह ने बताया कि बारिश का पानी गड्ढों में जमा होने से उस पर मच्छर पनपने लगते हैं जिससे बीमारियां फैलती हैं। मलेरिया मादा एनाफ्लीज नामक मच्छर के काटने से होता है और डेंगू मादा एडिज एजिप्टाई नामक मच्छर के काटने से फैलता है।
निरीक्षक जसमेर सिंह ने बताया कि शुरुआती लक्षणों में ठंड लगकर कंपकंपी के साथ बुखार होना, पसीने के साथ बुखार का उतर जाना, शरीर में दर्द रहना, सिरदर्द व उल्टी आना, छाती व ऊपर के हिस्सों में दानों का निकलना, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द रहना आदि होते हैं।
विभाग द्वारा लार्वा एक्टिविटी बढ़ा दी गई हैं। लार्वा मिलने पर उस स्थान पर फॉगिंग कराई जा रही है और उक्त व्यक्ति को नोटिस देकर जागरूक भी किया जा रहा है। डेंगू और मलेरिया को खत्म करने के लिए सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस अवश्य मनाएं। -डॉ. बिजेंद्र सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी।