पानीपत। पानीपत और करनाल (बसताड़ा) के बीच 18 किलोमीटर के दायरे में दो टोल नाके आ रहे हैं, जोकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना है। इसके बावजूद इस पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है और यहां वाहन चालकों की जेबें ढीली हो रही हैं। यह मुद्दा करनाल के सांसद संजय भाटिया ने लोकसभा में उठाया। इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि 60 किलोमीटर से कम दूरी पर दो टोल नाके गलत हैं। इसे जल्द बंद करवाएंगे।
मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि 60 किलोमीटर के दायरे में कई टोल होने की शिकायतें उन्हें मिली हैं, वे नियमानुसार नहीं हैं। ऐसे टोल को सरकार तीन माह के भीतर बंद करवाने का काम करेगी। बताते चलें कि 18 किलोमीटर के दायरे में दो टोल होने पर पानीपत और करनाल के बाशिंदे काफी समय से ऐतराज जता रहे थे मगर अब संसद में परिवहन मंत्री की इस घोषणा से दोनों जिलों के लोगों को फायदा हो सकता है, क्योंकि इस घोषणा पर यदि तीन महीने के भीतर कार्रवाई होती है, तो दोनों जिलों में से एक टोल नाके का हटना तय है।
इसके अलावा सांसद ने सदन में नेशनल हाईवे-44 यानी जीटी रोड (दिल्ली वाया पानीपत-करनाल-अमृतसर) के अधूरे पड़े निर्माण कार्य का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह सबसे व्यस्त नेशनल हाईवे है और इसे 8 लेन बनाने का काम चल रहा है, जो कि कई जगह से बंद है। बावजूद इसके लोगों को टोल वसूला जा रहा है। उन्होंने इस पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि बिना रोड तैयार किए टोल लिए जाना गलत है। उन्हाेंने सदन में बताया कि हैरानी की बात तो यह है कि पानीपत के लोग एलिवेटेड हाईवे का इस्तेमाल तक नहीं करते, इसके बावजूद भी उनको टोल भुगतना पड़ रहा है। सांसद संजय भाटिया के प्रश्नों का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वे इस मामले पर संज्ञान लेंगे।