- 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अर्चना यादव की अदालत ने सुनाई सजा
-जुलाई 2017 में तहसील कैंप क्षेत्र में की गई थी राकेश श्योकंद की गोली मारकर हत्या
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अर्चना यादव की अदालत ने राकेश श्योकंद की गोली मारकर हत्या करने के मामले में दो दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले में अदालत ने गैंगस्टर प्रसन्न उर्फ लंबू समेत पांच आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
तहसील कैंप क्षेत्र के भगत नगर निवासी राममेहर सिंह ने शहर थाने में जुलाई 2017 को मुकदमा दर्ज कराया था। उनका कहना था कि उनके छोटे भाई राकेश श्योकंद को एक व्यक्ति की हत्या में सजा हुई थी। वह हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर आया था और फर्नीचर का काम शुरू किया था। 12 जुलाई को वह अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से खटीक बस्ती निवासी सन्नी और भगत नगर निवासी जसबीर उर्फ जस्सी के साथ किसी काम से जा रहे थे। नीमवाला चौक पर बदमाशों ने उनकी कार पर फायरिंग कर दी थी। जिसमें राकेश की मौत हो गई थी। वहीं जसबीर उर्फ जस्सा गोली लगने से घायल हो गए थे।
शहर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर इस मामले में 10 आरोपियों साेनीपत के नैना तातारपुर निवासी मन्दीप, सिवाह निवासी गैंगस्टर प्रसन्न उर्फ लंबू, सिवाह निवासी राहुल, जींद के कालवा गांव निवासी शील, सिवाह निवासी कृष्ण, वधावाराम काॅलाेनी निवासी विजय, सिवाह निवासी अरविंद, जींद के गांव इगरा निवासी सुनील, महेंद्रगढ़ के भाखली गांव निवासी गगन और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया था।
इस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने छह अगस्त को आरोपी शील कुमार और सुशील को हत्या का दोषी करार दिया था। मंगलवार को दोनों को उम्र कैद और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इससे पहले पांच आरोपी प्रसन्न उर्फ लंबू, मन्दीप, राहुल, विजय व गगन को दोषमुक्त करने के आदेश दिए थे। वहीं एक आरोपी नाबालिग होने के कारण उसकी फाइल की अलग सुनवाई चल रही है। एक आरोपी भगोड़ा घोषित है और एक की मृत्यु हो चुकी है।