माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। निजी अस्पतालों में वीरवार को आयुष्मान योजना में इलाज नहीं हुआ। आईएमए ने एक दिन में करीब 300 सर्जरी रुकने का दावा किया है। इसमें कैंसर के मरीजों की कीमो नहीं हो सकी। महाबीर कॉलोनी के एक मरीज को कीमो के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहीं जिला नागरिक अस्पताल की आपातकाल में सामान्य दिनों के मरीज ही पहुंचे। हालांकि आपातकाल में चिकित्सक विशेषज्ञों को लगाया गया था।
जिले में आयुष्मान योजना के तहत अब तक 67 करोड़ रुपये का क्लेम निजी अस्पताल संचालकों ने किया है। स्वास्थ्य विभाग इसमें से 52 करोड़ रुपये दे चुका है। अस्पतालों का 13 करोड़ रुपये का बकाया है। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) इस राशि की लगातार मांग कर रहा है। आईएमए ने इसके विरोध में वीरवार को आयुष्मान योजना के मरीजों का इलाज नहीं किया। आईएमए की पूर्व घोषित हड़ताल के चलते वीरवार को अपेक्षाकृत कम मरीज पहुंचे।
महावीर कॉलोनी के कैंसर पीड़ित एक व्यक्ति की वीरवार को कीमो होनी थी। परिजन उनको लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां इनको इलाज नहीं मिला। परिजन इसके बाद मरीज को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले गए। आईएमए के जिला प्रधान डॉ. जसबीर मलिक ने बताया कि जिले में 60 अस्पताल हैं। हर अस्पताल में चार से पांच सर्जरी एक दिन में होती हैं। इस हिसाब से करीब 300 सर्जरी रुकी हैं।
इसके अलावा अन्य मरीजों का इलाज प्रभावित हुआ है। डॉ. पंकज मुटनेजा ने बताया कि अस्पताल संचालक सरकार की योजनाओं को लागू करने में पूरा सहयोग करते हैं। आयुष्मान योजना में इलाज करते हैं। इसके बाद उनको समय पर पेमेंट नहीं मिल पाती। उनको अस्पताल स्टाफ के वेतन के साथ अन्य खर्च एक निर्धारित समय पर करने होते हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज की तैयारी पूरी की थी। अस्पताल में ओपीडी बढ़ी लेकिन आपातकाल में मरीजों की संख्या उतनी ही रही। एमरजेंसी की प्रभारी डॉ. सुखदीप कौर ने बताया कि वीरवार को दिन में 60-70 और रात को 70-80 मरीज आए हैं। सामान्य दिनों में इतने ही मरीज रहते हैं।