टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा अपनी जीत के 10 दिन बाद मंगलवार को घर पहुंचे। लोगों ने रोड शो के दौरान उनका जोरदार स्वागत किया। सुबह करीब आठ बजे पानीपत की सीमा में प्रवेश करते ही उन्हें देखने की खुशी में लोग उमड़ पड़े।
पूरे रोड शो के दौरान काफिले में उपायुक्त सुशील सारवान कार की अगली सीट पर मौजूद रहे। नीरज चोपड़ा की जीत से खुश होकर गांव खुखराना के लोगों ने उन्हें 30 तोले चांदी का भाला भेंट किया। वहीं, पूर्व मंत्री कृष्णलाल पंवार ने नीरज चोपड़ा को हीरो कंपनी की एक्स्ट्रीम मोटरसाइकिल की चाबी भी सांकेतिक रूप से भेंट की।
तबीयत खराब होने से थोड़ी देर रुके फिर चंडीगढ़ रवाना
तबीयत खराब होने और प्रोटॉकाल और ज्यादा भीड़ होने के कारण नीरज अपने घर ज्यादा देर तक नहीं ठहर सके। महज 45 मिनट बाद उनकी तबीयत खराब हुई और उन्हें लौटना पड़ा। उपायुक्त सुशील सारवान ही उन्हें अपनी गाड़ी में वापस ले गए।
मेरा नहीं, पूरे देश का पदक: नीरज
नीरज चोपड़ा ने कहा कि यह पदक मेरा नहीं है, बल्कि पूरे देश का है। सभी देशवासियों के प्यार ने मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है। सभी की दुआओं ने मुझे पदक जीतने के काबिल बनाया। ओलंपिक में मुझसे भी बहुत बेहतर खिलाड़ी खेल रहे थे लेकिन यहां के लोगों का प्यार और दुआएं ही थीं कि स्वर्ण पदक जीता।
124 साल का इंतजार और 125 करोड़ लोगों का प्यार लाया पदक: सुशील सारवान
उपायुक्त सुशील सारवान ने कहा कि 124 साल के इंतजार में 125 करोड़ लोगों के प्यार व दुआ है कि तीसरी सदी में एक एथलीट देश में स्वर्ण पदक लेकर आया है। उन्होंने कहा कि इस जिले के लोग जानदार भी हैं और शानदार भी।