आचार्य लालमणि पांडेय। स्रोत : स्वयं
पानीपत। इस बार माघ पूर्णिमा रविवार एक फरवरी को मनाई जाएगी। माघ पूर्णिमा पर पुष्य नक्षत्र का विशेष योग बन रहा है इसमें दान-स्नान का विशेष महत्व है। पुष्य नक्षत्र में दान-स्नान करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है और पित्तरों के नाम से हवन करने से पित्तर शांत होते हैं।
प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर का आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि माघ पूर्णिमा रविवार को सुबह 05:53 से शुरू होकर सोमवार सुबह 03:39 तक रहेगी। रविवार को पूरा दिन पूर्णिमा है इस बार माघ पूर्णिमा पर पुष्य नक्षत्र योग बन रहा है। पुष्य नक्षत्र दोपहर 11:58 तक रहेगी इसमें दान-स्नान का विशेष महत्व है। इस दिन पुष्य नक्षत्र में गंगा-यमुना पवित्र तीर्थ नदियों में स्नान करना चाहिए और वहीं घाट पर अपनी श्रद्धानुसार दान करना चाहिए। सर्दी के मौसम में कंबल, अन्न, वस्त्र दान करने चाहिए। गोसेवा करनी चाहिए। पित्तरों की शांति के लिए हवन, गुड़ का दान करना चाहिए। हवन करने से पित्तर पक्ष शांत होता है और परिवार में सुख-शांति, समृद्धि बनी रहती है।
- 12 फरवरी को फाल्गुन संक्रांति और 15 को शिवरात्रि
- दो फरवरी से फाल्गुन माह शुरू हो जाएगा। 12 फरवरी को फाल्गुन संक्रांति मनाई जाएगी, 13 को एकादशी और 15 को शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा।
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