पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत ने नशा तस्करी के आरोपी पाला को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को तीन साल की कैद और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए। इसी मामले में अदालत ने सबूतों के अभाव में दो आरोपियों सुनील व देशराज को आरोपमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स सेल के तैनात एएसआई कुलदीप ने एक अक्तूबर 2020 को समालखा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वह अपनी टीम के साथ गश्त कर रहे थे। उसी समय सूचना मिली कि एक युवक गढ़ी छाजू मोड पर सिर पर कट्टा रखे हुए आ रहा है। सूचना पर वह मौके पर पहुंचे तो एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। शक होने पर पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को काबू कर लिया। आरोपी ने अपना नाम पाला निवासी मनाना रोड समालखा बताया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 9.50 किग्रा गांजा बरामद किया। पूछताछ में आरोपी पाला ने बताया कि वह मजदूरी करता है और उसका उत्तराखंड में आना जाना रहता है, जहां पर उसे सुनील नाम के व्यक्ति से 55 हजार रुपये में 11 किग्रा गांजा खरीदा था। पुलिस ने सुनील निवासी बिहौली रोड समालखा और उसके मामा देशराज निवासी भारत कॉलोनी समालखा को भी गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
उप जिला न्यायवादी कुलदीप सिंह ढुल ने बताया कि मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की एनडीपीएस एक्ट अदालत में हुई। पत्रावली पर आए साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के बाद अदालत से पाला को दोषी करार देते हुए तीन साल की कैद की सजा सुनाई। सुनील और देशराज को सबूतों के अभाव में आरोपों से मुक्त करते हुए बरी कर दिया।