पानीपत। शुगर मिल के शीरा प्रकरण में एक और नया मोड़ सामने आया है। फर्जीवाड़े में शीरे के तीन टैंकरों को पकड़ा गया था जबकि एजेंसी की ओर से मिल को भेजे गए माफीनामे में दो टैंकरों का जिक्र किया गया है। ...और हैरानी की बात यह है कि मिल की ओर से जारी की गई चार्जशीट में केवल एक टैंकर ही दिखाया गया है। वहीं, रंगेहाथों पकड़े जाने, एजेंसी के खुद के माफीनामे, दस कर्मचारियों को निलंबित करने के बाद भी शीरा लेने वाली एजेंसी या मौके पर पकड़े गए टैंकरों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इतना ही नहीं, उल्टा एजेंसी को शीरा उठाने के लिए सप्लाई को जारी रखा गया। एजेंसी को शीरा उठान का दिया गया समय भी बढ़ा दिया गया। एजेंसी को बेचे गए शीरे की आपूर्ति तक करवा दी गई। वहीं, अब बताया जा रहा है कि एजेंसी की ओर से जमा करवाई गई राशि को भी रिलीज किया जा रहा है। जिस एजेंसी की ओर से शीरे का उठान किया जा रहा था, उसकी ओर से भी शुगर मिल प्रबंधन को एक माफीनामा दिया गया था। इसमें गलती को कबूल करते हुए शुगर मिल से माफी मांगी गई थी। इसमें यह भी लिखा गया था कि मिल की ओर से भी जो भी उन्हें दंड दिया जाएगा, वह एजेंसी को कबूल होगा।
बावजूद इसके एजेंसी पर कार्रवाई न होना मिलीभगत को दर्शाता है। इस प्रकरण पर मिल प्रबंधन का कहना है कि संबंधित एजेंसी शीरे की सबसे बड़ी खरीददार एजेंसी है। उन्होंने जिम्मेदार पाए जाने वाले कर्मचारियों को निलंबित कर चार्जशीट किया है। चार्जशीट के जवाब के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
ये था मामला-
बता दें कि शुगर मिल एमडी ने औचक निरीक्षण के दौरान तीन टैंकरों को पकड़ा था। इसमें करीब छह लाख रुपये का शीरा ज्यादा पाया गया था। इसके बाद शीरे की पूरी जांच की गई। इस जांच में शीरे के स्टॉक से करीब 30 लाख रुपये का शीरा गायब मिला। प्रकरण में दस कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया लेकिन शीरा उठाने वाले कंपनी और मौके पर पकड़े जाने के बाद उनके टैंकरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जारी हैं जांच
शीरा प्रकरण की जांच जारी है। जो एजेंसी शीरा मिल से उठा रही थी वह शीरे के बड़ी खरीदार एजेंसी हैं। मामले में दस कर्मचारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। उनकी चार्जशीट के जवाब आने के बाद जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी उस पर अमल लाया जाएगा। -नवदीप सिंह, एमडी, शुगर मिल पानीपत।