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Panipat News: एंटी नारकोटिक सेल के एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों पर 10 लाख की रिश्वत के आरोप, एक लाख थाने से बरामद

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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने जिला पुलिस में भ्रष्टाचार के एक मामले का भंडाफोड़ किया है। पानीपत के समालखा स्थित एंटी नारकोटिक सेल में तैनात एक एएसआई और दो हेड कांस्टेबल पर 10 लाख रुपये के आरोप लगे हैं। आरोपी पुलिसकर्मी एक लाख पहले ले चुके थे और एक लाख रुपये मंगलवार को मंगवाए थे। करनाल एसीबी की टीम ने तीनों को रंगे हाथों पकड़ना चाहा लेकिन आरोपी थाने में नहीं मिले। आरोपियों ने किसी के माध्यम पैसे थाने में रखवा दिए थे। एसीबी ने थाने से एक लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। इसमें एसीबी ने तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मेवात के एक व्यक्ति ने करनाल एसीबी को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पानीपत के समालखा स्थित एंटी नारकोटिस सेल में तैनात तीन पुलिसकर्मी उससे 10 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। वह एक लाख रुपये पहले दे भी चुका है। बाकी रुपये न देने पर केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। एसीबी ने उनसे रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत दिखाने को कहे। एसीबी के डीएसपी शमशेर सिंह और प्रभारी दीपक टीम बनाकर मंगलवार शाम को समालखा पहुंचे। टीम ने शिकायतकर्ता को एक लाख रुपये देकर पुलिसकर्मियों के पास भेजा। समालखा अनाज मंडी के पीछे एंटी नारकोटिक सेल के थाने में पैसे देने पहुंचा। शिकायकर्ता ने उनसे फोन किया तो उन्होंने किसी काम से बाहर होने बारे जानकारी दी। इसके बाद किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम एक लाख रुपये थाने में रखवाने की बात कही। एंटी करप्शन ब्यूरो ने थाने से एक लाख रुपये बरामद कर लिए और रिकॉर्डिंग और अन्य रिपोर्ट के आधार पर एएसआई सुनील और हेडकांस्टेबल चांद व सुरेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
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केस में नामजद निकालने के नाम पर मांग की थी

मेवात के एक व्यक्ति ने बताया कि एंटी नारकोटिक सेल में नशा तस्करी का एक केस है। इसमें कुछ लोगों के नाम बाहर निकालने की बात की थी। एसआई सुनील, हेडकांस्टेबल चांद व सुरेंद्र ने 10 लाख रुपये की मांग की। वह इसमें से एक लाख रुपये दे भी चुका था। इसमें अगली किस्त में एक लाख रुपये मंगलवार को देना तय किए थे। एंटी करप्शन ब्यूरो ने शिकायत मिलने पर कार्रवाई की थी। एंटी नारकोटिस सेल के प्रभारी की जिम्मेदारी अब सीआईए-थ्री के प्रभारी विजय के पास हैं। ऐसे एसीबी उनसे भी पूछताछ कर सकती है।
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मेवात के एक व्यक्ति की शिकायत पर एंटी नारकोटिक सेल समालखा में दबिश दी थी। इसमें एएसआई सुनील, हेडकांस्टेबल चांद और सुरेंद्र पर 10 लाख रुपये मांगने के आरोप हैं। आरोपियों ने एक लाख रुपये मंगलवार को देने को बुलाया था। आरोपी मौके पर नहीं मिले। एक लाख रुपये थाने से बरामद कर लिए हैं। रिकॉर्डिंग के आधार पर तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। लोगों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
- दीपक, प्रभारी, एसीबी करनाल।
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