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सिंगापुर में ई-पास दिलाने का झांसा देकर युवती समेत तीन लोगों ने ठगे साढ़े 8 लाख रुपये

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एक युवक से सिंगापुर का ई-पास दिलाने का झांसा देकर सूरत की रहने वाली युवती ने अपने पिता और मामा के साथ मिलकर साढ़े आठ लाख रुपये ठग लिए।
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गांव शिमला मौलाना गांव निवासी अन्नु कुमार ने बताया कि उसने होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया है। वह एस पास वीजा पर सिंगापुर में रहा रहा था। इसी दौरान 17 सितंबर 2017 को नालाबोथला लक्ष्मी प्रसन्ना से मुलाकात हुई। वह एक ही मकान में किराए पर रहते थे। नालाबोथला लक्ष्मी ने उसे अपने ई-पास वीजा के बारे में बताया। उसने गुजरात के सूरत में राज हर्ष सोसायटी में रहने वाली सैफाली नैनेश जेरीवाला के बारे में बताया। वह भारत वापस आया और सैफाली से दिल्ली में मिला। उसने सैफाली से सिंगापुर में ई-पास वीजा लगवाने के लिए कहा। उसने वीजा लगवाने का आश्वासन दिया और साढ़े आठ लाख रुपये खर्च बताया। लेकिन न उसका वीजा लगवाया और न ही उसका सिंगापुर का ई-पास बनवाया।
इस प्रकार ठगे आरोपियों ने रुपये
आरोपी सैफाली ने पहले काम चालू करवाने के लिए ढाई लाख रुपये अपने खाते में डलवाए। जनवरी 2019 में दोबारा फोन किया और 1.50 लाख रुपये मांगे। एक सप्ताह बीत जाने के बाद दोबारा कॉल किया और कहा जल्दी पेमेंट कराओ नहीं तो काम रुक जाएगा। उसने 2 फरवरी 2019 को 50 हजार रुपये डलवा दिए। दो दिन बाद 55 हजार ट्रांसफर कराए। फिर 12 फरवरी को एक लाख रुपये खाते में डलवाए।
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6.05 लाख रुपये जाने के बाद बाकी रुपये देने से मना कर दिया
पीड़ित ने बताया कि आरोपी सैफाली के कहे अनुसार उसने 6.05 लाख रुपये उसने युवती के खाते में डलवा दिए थे, लेकिन अब तक उसके पास कोई ई-पास संबंधित दस्तावेज नहीं आए थे। इसलिए उन्होंने बाकी रुपये देने से मना कर दिया था, लेकिन दोबारा कॉल किया और वीजा आने की बात कहकर खाते में रुपये डलवाने की बात कही। उसने पहले 16 हजार, फिर 1.09 लाख और फिर 1.25 रुपये डलवा दिए।
वीजा और टिकट मेल पर भेजी, ऑनलाइन चेक किया तो मिली फर्जी
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने वीजा और टिकट दोनों ई-मेल पर भेज दी। उसने ऑनलाइन चेक किए तो वह फर्जी मिले। दो मार्च 2019 को उसका सिंगापुर जाने का समय था, लेकिन वह नहीं जा पाया। पांच मार्च को सैफाली ने कॉल किया और वीजा व टिकट का ऑनलाइन स्टेटस मिलने की बात कही। इस दौरान उससे 75,000 रुपये की मांग की, लेकिन उन्होंने देने से इंकार कर दिया।
रुपये देने से इंकार करने पर किया व्हाट्सएप और नंबर से ब्लॉक
पीड़ित ने बताया कि उसने आरोपी युवती को रुपये देने से इंकार किया तो उसने व्हाट्सएप और फोन दोनों से ब्लॉक कर दिया। वह रुपये वापस लेने के लिए आरोपी सैफाली के पते पर गया, लेकिन वहां से वह छोड़कर फरार हो चुके थे।
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पिता ने मांगा दो और मां ने मांगा तीन माह का समय, दोनों जुबान से मुकरे
युवक ने बताया कि उसने आरोपियों के पुराने घर के सिक्योरिटी गार्ड से नंबर लेकर सैफाली के पिता नैनेश से बात की। उसने दो माह में रुपये वापस लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में मना कर दिया। उसके बाद उसकी मुलाकात सैफाली की मां से हुई जिसने तीन माह में रुपये लौटाने के लिए कहा, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद उसने भी साफ इंकार कर दिया। वहीं सैफाली और उसका मामा जतिन उसे सूरत के रेलवे स्टेशन पर मिले, जिन्होंने पहले 15 दिन में रुपये लौटाने की बात कही, लेकिन बाद में उन्होंने भी मना कर दिया।
युवक की शिकायत पर युवती समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की गहनता से जांच की रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-अतर सिंह, सदर थाना प्रभारी
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