पानीपत। तहसील में फर्जी रजिस्ट्री के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उपायुक्त ने रजिस्ट्री में नाम आने पर तीन कंप्यूटर ऑपरेटर को बदल दिया है। इधर थाना पुलिस की इस मामले में कार्रवाई चल रही है। पुलिस ने इसमें अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
जानकारी के अनुसार सेक्टर-18 की मोना का तहसील कैंप के न्यू रमेश नगर में 60 वर्ग गज का प्लाट था। मोना ने फुल पेमेंट एग्रीमेंट पर गुड्डी नाम की महिला को बेच दिया। गुड्डी ने फुल पेमेंट एग्रीमेंट पर ही प्लाट कॉलोनी के प्रॉपर्टी डीलर दीपक को बेच दिया। दीपक ने प्लाट को फुल पेमेंट एग्रीमेंट पर दिल्ली के रहने वाले रवि को बेच दिया। आरोप है कि रवि ने रजिस्ट्री कराने की बात की तो मोना ने रजिस्ट्री कराने से मना कर दिया। रवि के जानकार संजय ने कॉलोनी निवासी अजय टाइपिस्ट से मिलकर कॉलोनी की ही रहने वाली पिंकी को लालच देकर मोना की जगह तहसील लेकर आया। यहां मोना की जगह खड़ा कर रजिस्ट्री करा ली। तहसीलदार ने मामले की शिकायत पुलिस को दी थी। आरोप हैं कि नंबरदार राजू ने महिला की शिनाख्त भी नहीं की। यह मामला तहसीलदार के पास पहुंचा तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को दी। ब्यूरो
प्रशासन ने इन कंप्यूटर ऑपरेटर को बदला
कंप्यूटर ऑपरेटर राकेश को तहसील पानीपत से मतलौडा तहसील में लगाया है। दीपक को मतलौडा से पानीपत लगाया है। वहीं विक्रम को पानीपत तहसील से डीआरओ कार्यालय, राजीव को तहसील से सरल केंद्र पानीपत लगाया है। अश्विनी को डीआरओ कार्यालय से तहसील पानीपत और शिवम को डीडब्ल्यूओ कार्यालय से सरल केंद्र पानीपत लगाया है।
वर्जन :
तीन कंप्यूटर ऑपरेटर को तहसील से बदला है। पुलिस से भी इस मामले में फीडबैक ली जाएगी।
वीरेंद्र गिल, तहसीलदार।
वर्जन :
पुलिस तहसील से संबंधित मामले की जांच कर रही है। इसमें राजस्व विशेषज्ञ की राय ली जा रही है। इसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार, प्रभारी, थाना शहर।