पानीपत। यूक्रेन से जान बचाकर भारत आने में कामयाब रहीं मानसी सहगल ने बताया कि वहां हालत बद से बदतर हैं। हर ओर डर का माहौल है। उसने बताया कि जब वह फ्लाइट पकड़ने जा रही थी तभी एयरपोर्ट पर धमाका हुआ। वह तो वहां से निकल आई लेकिन अभी भी उसके साथी वहां फंसे हैं।
मानसी ने बताया कि उनकी फ्लाइट 23 फरवरी की थी और उसी रात को ही हलचल शुरू हो गई थी। फ्लाइट की टिकट पहले से थी, जिससे वह भारत में आने में सफल रहीं। मानसी का कहना है कि उसके साथ मेडिकल की पढ़ाई करने वाले साथी फंस गए हैं, जो इस समय मेट्रो स्टेशन पर छिपे हुए हैं। मानसी ने बताया कि एयरपोर्ट से निकलने के कुछ मिनटों के बाद ही धमाका हुआ था। मानसी वहां पर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थीं। उनका कहना है कि उनके दो साथी आकांक्षा और अर्पित की टिकट नौ मार्च को थी, लेकिन उससे पहले ही युद्ध शुरू हो गया।