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Panipat News: सिलिंडर के लिए मची आपाधापी, एजेंसियों पर घंटों कतार में लगने के बाद हाथ खाली

Sat, 14 Mar 2026 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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इंतजार बबैल रोड स्थित सलूजा गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर मिलने का इंतजार करती महिला। संवाद - फोटो : मूंगताल के इसी स्थान पर प्रस्तावित है पुल।
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पानीपत। गैस सिलिंडर के लिए मारामारी लगातार बढ़ रही है। लोगों को ऑनलाइन बुकिंग कराने पर ओटीपी नहीं मिल पा रहा है और एजेंसियों पर एक बार सिलिंडर लेने के बाद 25 दिन से पहले नहीं दिया जा रहा है। बाजार में सिलिंडर नहीं मिलने पर कालाबाजारी भी बढ़ गई हैं। सिलिंडर न मिलने पर शहर में चाय के करीब 25 खोखे बंद हो गए हैं। कुछ लोग छोटे सिलिंडर से काम चला रहे हैं। इन सबके शुक्रवार को गैस एजेंसियों पर सुबह से लेकर शाम तक लाइन लगी रही। लोगों को दो से तीन घंटे में सिलिंडर मिल पाया है। कुछ लोगों को तो सिलिंडर न मिलने पर खाली हाथ लौटना पड़ा। लोग सिलिंडर लेने के लिए सिफारिश भी लगाने लगे हैं।
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शुक्रवार को सुबह ही एजेंसियों पर लोगों की सिलिंडर लेने के लिए कतार लग गई। लोग सीधे एजेंसी कार्यालय पर पहुंचे। यहां दो से तीन घंटे कतार में लगने के बाद रसीद लेकर गोदाम में पहुंचे। जाटल रोड की रेणू और दूसरी गैस एजेंसी, पुराना औद्योगिक क्षेत्र की दोनों एजेंसियों के साथ मुख्य बाजार, बरसत रोड और बबैल रोड स्थिति एजेंसियों पर लोगों की सिलिंडर के लिए लगातार भीड़ लगी है। लोगों का एक सिलिंडर लेने में आधा दिन तक चला गया। पानीपत एलपीजी एसोसिएशन के प्रधान तेजबीर जागलान ने बताया कि कि लोग एक साथ बुकिंग कराते हैं। ऐसे में बुकिंग साइट बंद हो रही है। लोगों को नियमानुसार सिलिंडर दिया जा रहा है। शहर या गांव में किसी प्रकार की कालाबाजारी नहीं है।


सिलिंडर की परेशानी लोगों की जुबानी
हाली कॉलोनी के अहमद ने बताया कि वह शुक्रवार को सिलिंडर लेने आया था। उनको सिलिंडर नहीं मिल पाया है। शहर में कई जगह 2200 और 2300 रुपये में सिलिंडर मिल रहा है। धूप सिंह नगर की सुनीता ने बताया कि वह सिलिंडर लेने के लिए दो दिन से एजेंसी के चक्कर काट रही है। उनके पंजीकृत मोबाइल पर ओटीपी नहीं आ रहा है। एजेंसी में पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सैनी कॉलोनी के रमेश ने बताया कि गैस सिलिंडर के लिए तीन मार्च से से बुकिंग करा रहे हैं। उनका सिलिंडर बुक नहीं हो पाया है। एजेंसी में 25 दिन बाद सिलिंडर मिलने की बात कही है। ऐसी स्थिति में खाना बनाने की भी चिंता सताने लगी है।
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चाय के खोखे बंद, लोगों ने अपनाए विकल्प
सिलिंडर न मिलने पर चाय के खोखे बंद होने लगे हैं। रवि ने बताया कि वे सनौली रोड पर चाय का खोखा है। उनको सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। उनका खोखा दो दिन से बंद है। देवी मंदिर में गीता साधक मंडल के 21 कुंडीय यज्ञ में भंडारे के दौरान सिलिंडर की बजाय डीजल आधारित पंप पर खाना बनाया गया। हरदीप ने बताया कि सिलिंडर नहीं मिलने पर डीजल आधारित उपकरण लेकर आए हैं, इसमें गैस सिलिंडर की जगह डीजल सिलिंडर है। चूल्हे तक पाइप से बूंद-बूंद में डीजल जाता है।




बाजार में जनसाधारण के लिए सिलिंडर की कोई कमी नहीं है। कुछ लोग स्टॉक करने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों को आपाधापी नहीं मचानी चाहिए। एजेंसी संचालकों को निर्धारित नियमों के अनुसार गैस वितरण करने के निर्देश दिए गए हैं।
- दिव्या, नियंत्रक, खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रण।

इंतजार बबैल रोड स्थित सलूजा गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर मिलने का इंतजार करती महिला। संवाद- फोटो : मूंगताल के इसी स्थान पर प्रस्तावित है पुल।

इंतजार बबैल रोड स्थित सलूजा गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर मिलने का इंतजार करती महिला। संवाद- फोटो : मूंगताल के इसी स्थान पर प्रस्तावित है पुल।

इंतजार बबैल रोड स्थित सलूजा गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर मिलने का इंतजार करती महिला। संवाद- फोटो : मूंगताल के इसी स्थान पर प्रस्तावित है पुल।

इंतजार बबैल रोड स्थित सलूजा गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर मिलने का इंतजार करती महिला। संवाद- फोटो : मूंगताल के इसी स्थान पर प्रस्तावित है पुल।

इंतजार बबैल रोड स्थित सलूजा गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर मिलने का इंतजार करती महिला। संवाद- फोटो : मूंगताल के इसी स्थान पर प्रस्तावित है पुल।

इंतजार बबैल रोड स्थित सलूजा गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर मिलने का इंतजार करती महिला। संवाद- फोटो : मूंगताल के इसी स्थान पर प्रस्तावित है पुल।

इंतजार बबैल रोड स्थित सलूजा गैस एजेंसी के बाहर सिलिंडर मिलने का इंतजार करती महिला। संवाद- फोटो : मूंगताल के इसी स्थान पर प्रस्तावित है पुल।

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