संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) के चिकित्सक निजी अस्पताल संचालकों के साथ मिलकर गोलमाल कर रहे थे। वे आयुष्मान कार्ड के मरीजों को अस्पताल में भेजकर मोटी रकम वसूल कर रहे थे। पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज ने 11 मार्च को हरियाणा विधानसभा में ईएसआई अस्पताल से मरीज रेफर करने का मुद्दा उठाया था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से इसकी विजिलेंस जांच कराई थी। विधायक प्रमोद विज का कहना है कि वर्ष 2023-24 में करीब साढ़े छह हजार मरीज रेफर किए गए। यह लगभग 36 करोड़ रुपये की गड़बड़ी है।
जिसमें लगभग 36 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। जांच में सेवानिवृत्त एसएमओ डॉ. शिव कुमार, सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. गिरीश मुखीजा और डॉ. पुनीत बंसल का नाम सामने आया है। इनमें डॉ. पुनीत बंसल हाल में फरीदाबाद में कार्यरत हैं। ईएसआई अस्पताल की एमएस को दस्तावेज उपलब्ध करने के बारे में लिखा है। इस मामले में उस समय ईएसआरईसी की एक एसएमओ को निलंबित कर दिया था। उनको बाद में बहाल कर दिया था। विभागीय जांच में सामने आया कि छाबड़ा अस्पताल में 1443, रैन्बो में 1295, अपैक्स में 1218, जीसी गुप्ता में 1028, पार्क में 560, रविंद्रा अस्पताल में 455, सुमित स्किन में 91 और आईबीएम में 11 मरीजों को रेफर किया था। वहीं इस मामले में दो निजी अस्पतालों पर भी कार्रवाई करने की तैयारी है।
अस्पतालों ने आयुष्मान के तहत इलाज करना बंद किया था। उसी समय अस्पतालों को चेतावनी दी थी। उन्होंने इसके बाद भी पैसा वसूला था। यह मामला एसडीएम के नेतृत्व में गठित टीम ने पकड़ा था। उच्चाधिकारियों से तीनों चिकित्सकों को चार्जशीट करने का पत्र मिला है। इसकी रिपोर्ट जल्द उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।
- डॉ. वंदना सरदाना, एमएस, ईएसआई पानीपत