फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: शहरी और ग्रामीण विस में सात से आठ वार्डों की सीमाओं का हो सकता है विलय

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। शहर की नई वार्डबंदी में बदलाव होना अब निश्चित होता जा रहा है। ग्रामीण और शहरी विस के वार्ड अलग अलग किए जाने और दो अतिरिक्त वार्ड बनने से ज्यादा निवर्तमान पार्षद असंतुष्ट हैं। इससे उनके पुराने वार्डों की सीमाएं कट कर दूसरे वार्डों में जा मिली हैं और नए वार्डों की सीमाएं उनमें शामिल हो गई हैं।
विज्ञापन

इस संबंध में वे बार बार मंत्री महिपाल ढांडा के दरबार पहुंच कर अपने पुराने वार्डों की सीमाओं को बचाने की जुगत में हैं। ताकि जो निवर्तमान पार्षद पहले से पार्षद थे वे दोबारा भाजपा से टिकट दूसरी बार चुनाव जीत सकें। ऐसे वार्डों में सबसे ऊपर नाम अब वार्ड नंबर 12, 13, 16 के आ गए हैं। चूंकि इन तीनों की सीमाओं को काटकर एक वार्ड बनाया गया है। अगर ये फाइनल होता है तो अबकी बार दो को चुनाव लड़ने का मौका तक नहीं मिलेगा। इसलिए अब फिर से ग्रामीण और शहरी विस के वार्डों की सीमाएं मिक्स होने के समीकरण बनाए जा रहे हैं। इसी वजह से अब तक एडहॉक की ओर से फाइनल की गई वार्डबंदी की फाइल मुख्यालय नहीं भेजी गई है। चर्चाएं हैं कि जब तक मंत्री एवं ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा और शहरी विधायक प्रमोद विज एक साथ नहीं बैठेंगे तब तक इसे फाइनल नहीं किया जा सकता। दोनों एक साथ बैठकर जब एक सहमति से वार्डबंदी को फाइनल कराएंगे तभी इसे अंतिम रूप मिलेगा। ये काम अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नौ दिसंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के बाद ही हो सकेगा। चूंकि अब सभी नेता पीएम के कार्यक्रम को लेकर व्यस्त हैं।
अब तक सिर्फ ये निश्चित है कि शहर की नई वार्डबंदी में 7.02 लाख जनसंख्या के हिसाब से कुल 28 वार्ड बनेंगे। इसके साथ ये भी निश्चित है कि इनमें से पांच एससी वार्ड बनाए जाएंगे। इसके अलावा वार्डबंदी के बदलाव को लेकर कुछ भी निश्चित नहीं हो पाया है। बदलाव होगा और कितना होगा इसका फैसला मंत्री, विधायक, एडहॉक की बैठक के बाद ही हो सकेगा। दूसरी ओर अधिकारी इस मामले में कोई भी जानकारी देने से बच रहे हैं। चर्चाएं हैं कि बुधवार रात को डेढ़ बजे और वीरवार रात को भी साढ़े 11 बजे तक वार्डबंदी के बदलाव पर गहन मंथन तो हुआ लेकिन इसके परिणाम शून्य रहे।
विज्ञापन

वार्डबंदी के जानकार बताते हैं कि मौजूदा वार्डबंदी से नाखुश निवर्तमान पार्षद इसको बदलवाने के प्रयास कर रहे हैं। अगर दोनों विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से जोड़ दिया गया तो इसमें कम से सात से आठ वार्ड मिक्स हो जाएंगे। चूंकि विकल्प सिर्फ यही बचेगा। चूंकि अगर वार्डबंदी पुरानी रखी गई तो जनसंख्या के हिसाब से दो वार्ड ज्यादा बनेंगे। अब दो वार्ड बनाने पड़े तो सभी वार्डों की सीमाओं में फिर से कांट छांट होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें