पानीपत। नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा की तरफ से कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में पहुंचे सांसद संजय भाटिय?
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पानीपत। एसडी पीजी कॉलेज में सांस्कृतिक मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत आने वाले ‘नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा’ की पहल पर और बिजली विभाग के सानिध्य में एक माह तक चलने वाली नाट्य कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश में उभरते लेखकों और रंग-मंच कलाकारों की युवा पीढ़ी तैयार करने की दिशा में आयोजित यह कार्यशाला एक महत्वपूर्ण कड़ी है। कार्यशाला के चौथे दिन सांसद संजय भाटिया रंगकर्मियों से रूबरू हुए और उनके बीच बैठकर उन्हें अद्भुत हौसला और प्रेरणा दी।
सांसद ने कहा कि रंगमंच व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास का सबसे सशक्त माध्यम है। एनएसडी ने पानीपत शहर में ‘हल्दी घाटी’ जैसी प्रसिद्ध रचना को प्रस्तुति का आधार बनाया है। पानीपत के विद्यार्थी रंगकर्म के माध्यम देश में राष्ट्रीय एकीकरण की एक नई जागरण यात्रा आरंभ करेंगे। शिविर निदेशक एवं प्रख्यात रंगकर्मी लोकेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि पानीपत के विद्यार्थियों की हिस्सेदारी उत्साहित करने वाली है। कार्यशाला में संवाद, भाषा, सेट, संगीत, रंग-संवार, कोस्ट्युम, मेकअप आदि सभी विधाओं के प्रशिक्षक निरंतर आ रहे है। यह कार्यशाला अपनी तरह की बहुआयामी कार्यशाला है।
शिविर निदेशक सत्येंद्र मलिक ने कहा कि हरियाणा की रागिनी और सांग जैसी विधाएं हिंदी रंगमंच के पारंपरिक स्रोत हैं। कार्यशाला में इन लोक माध्यमों को भी प्रस्तुति का आधार बनाया जा रहा है। प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने कहा कि रंगमंच में जादू होता है। ऐसी कार्यशाला नई पीढ़ी में आजादी के इतिहास का साक्षात्कार जैसा है। कार्यशाला के संचालन में आईटीआई के शिक्षक रमेश और कॉलेज में सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रभारी डॉ. संगीता गुप्ता का सक्रिय योगदान है। इस कार्यशाला के प्रेरणास्रोत बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास है और यह एनएसडी के निदेशक प्रोफ़ेसर दिनेश खन्ना के मार्गदर्शन में आयोजित हो रही है। मंच संचालन राजीव रंजन ने किया।