पानीपत। जाटल रोड पर ओवरब्रिज के नीचे हत्या कर फेंके गए मृतक की पहचान यूपी के जिला जौनपुर के गांव गैरवां निवासी अरुण (30) पुत्र संतलाल के रूप में हुई है। वह तीन साल से पानीपत में पल्लेदारी करता था। साथी मजदूरों ने पहचान कर पुलिस को परिजनों का पता बताया। पुलिस ने परिजनों से संपर्क कर घटना की सूचना दी। परिजन बुधवार को पानीपत पहुंचे, उन्होंने शव की पहचान की। इसके बाद किशनपुरा चौकी पुलिस ने शव को परिजनों को सौंपकर हत्यारोपी की तलाश शुरू कर दी है।
किशनपुरा चौकी इंचार्ज परमिंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस की तरफ से मृतक अरुण के शहर में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए थे। उसे देख मृतक के साथियों ने मंगलवार को आकर बताया कि युवक ने 25 दिसंबर को उनके साथ मिलकर ट्रेन से सामान उतरवाया था। वह आठ मरला चौक स्थित एक चाय के खोखे पर महिला के पास चाय पीने के लिए जाता था। उसे वह अपनी मौसी बताता था।
सूचना के बाद पुलिस आठ मरला चौक पर पहुंची, जहां पर पता चला कि महिला पिछले दो माह से चाय का खोखा बंद कर जा चुकी है। वह किशनपुरा में रहती है। पुलिस किशनपुरा में महिला के पास पहुंची तो महिला ने खुद की पहचान लाली के रूप में बताई। मृतक का फोटो दिखाया तो लाली ने अरुण की पहचान की। पुलिस ने लाली से परिवार का नंबर लिया और संपर्क कर सूचना दी।
एक माह पहले ठेकेदार से रुपये लेने के लिए लौटा था पानीपत
मृतक अरुण के छोटे भाई सोनू ने बताया कि वह और छोटा भाई मोनू लुधियाना में पेंटर का काम करते है। बड़ा भाई अरुण तीन साल से पानीपत में मैनेजर नामक ठेकेदार के पास पल्लेदारी करता था। आरोप लगाया कि वह उसे तीन साल से पूरा वेतन नहीं दे रहा था। इसी वजह जुलाई में अरुण पानीपत छौड़कर गांव चला गया था। एक माह पहले वे तीनों भाई घर से निकले थे लेकिन अरुण पानीपत रुक गया था। वे दोनों भाई लुधियाना चले गए थे। उनकी एक माह से अरुण से कोई बातचीत नहीं हुई। उन्हें शक है कि कही ठेकेदार ने रुपयों की वजह भाई की हत्या न कर दी है, ताकि उसे पूरा वेतन न देना पड़े।
दो साल पहले हुई थी शादी, अनबन के चलते मायके में रहती थी पत्नी
सोनू ने बताया कि वे पांच बहन-भाई हैं। सभी शादीशुदा हैं। इनमें भाई अरुण, सोनू और मोनू हैं, बहनें अर्चना और पूजा हैं। अरुण सबसे बड़ा था। उसकी दो साल पहले सुल्तानपुर निवासी कोइली से शादी हुई थी। भाभी की भाई से हमेशा अनबन रहती थी, इसी के चलते वह पिछले डेढ़ वर्ष से मायके में रहती है, भाई की कोई संतान नहीं है।
यह था मामला:
जाटल रोड ओवरब्रिज के नीचे रविवार को खून से लथपथ हालत में शव पड़ा हुआ मिला था। जिसके चेहरे को पत्थर से कुचल रखा था। शव के पास से खून से सना पत्थर भी बरामद हुआ था, जिसको फॉरेंसिक जांच के लिए मधुबन लैब में भेजा गया है, हालांकि पुलिस हत्यारोपी को गिरफ्तारी करने में असफल रही है।