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तीन दिन में तय होगा सिटी सरकार का भविष्य

Wed, 15 Jan 2014 12:24 AM IST
अमर उजाला, पानीपत
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पानीपत। विपक्ष और कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने सिटी सरकार पर हमला बोलने के कई दिन बाद प्रशासन पर अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक बुलाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। जिसके चलते सिटी सरकार की धड़कन बढ़ गई है।
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वहीं प्रशासन इसको लेकर कानूनी राय लेने में जुट गया है और नगर निगम के आयुक्त ने विपक्ष में खड़े पार्षदों को अगले दो-तीन दिन में तस्वीर साफ करने का आश्वासन दिया है। इन पार्षदों ने किसी तरह की अड़चन डालने में कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की भी साफ चेतावनी दी है।

भाजपा के पार्षद दुष्यंत भट्टा व कांग्रेस समर्थित पार्षद सुरेंद्र गर्ग की अगुवाई में कई पार्षद सोमवार को लघु सचिवालय में डीसी और नगर निगम आयुक्त समीर पाल सरो से मिले। उन्होंने गत दिनों मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की बैठक बुलाने की मांग की थी और 17 पार्षदों ने अपने शपथ पत्र सौंपे थे।
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एडीसी आरएस वर्मा ने 14 दिन का नोटिस देकर बैठक बुलाने का आश्वासन दिया था। लेकिन सात दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से इसमें कोई कदम नहीं उठाया। इससे विपक्षी व मेयर के खिलाफ खड़े कांग्रेस समर्थित पार्षदों में रोष है। वे तय समय में मेयर के खिलाफ अविश्वास को लेकर बैठक बुलाना चाहते हैं।

डीसी समीर पाल सरो ने पार्षदों को बैठक को लेकर दो-तीन दिन में तस्वीर साफ करने का आश्वासन दिया।  प्रदेश के सात नए नगर निगमों के चुनाव और मेयर चुनने के छह माह पूरे होते ही मेयर के खिलाफ अविश्वास की मांग पानीपत में सबसे पहले उठी है।

कांग्रेस समर्थित मेयर के खिलाफ अविश्वास की मांग उठने पर जिले से लेकर चंडीगढ़ तक की सरकार हिली है। इस कारण प्रशासन को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। प्रशासन मेयर के विपक्ष में खड़े 17 पार्षदों के बढ़ते दबाव के चलते कानूनी राय लेने को मजबूर हो गया है। डीसी समीर पाल सरो ने भी सोमवार को पार्षदों को यह बात कही।

उन्होंने बताया कि वे इस मामले में कानूनी राय ले रहे हैं और जल्द ही इसके बारे में सबको सूचित कर देंगे। भाजपा पार्षद दुष्यंत भट्ट ने कहा कि मेयर के खिलाफ अविश्वास को लेकर 16 पार्षद होने चाहिए। लेकिन वे 17 पार्षद अपना शपथ पत्र दे चुके हैं। वैसे तो मेयर भूपेंद्र सिंह को नैतिकता के आधार पर अपना इस्तीफा दे देना चाहिए।

वे ऐसा नहीं करते हैं तो प्रशासन को अविश्वास को लेकर बैठक बुलानी चाहिए। प्रशासन ऐसा नहीं करता है तो वे इसको लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। कांग्रेस समर्थित वार्ड-15 के पार्षद सुरेंद्र गर्ग ने मेयर भूपेंद्र सिंह पर एक बार फिर हमला बोल दिया है।

सुरेंद्र गर्ग ने कहा कि मेयर भूपेंद्र सिंह अपनी पॉवर को समझें और किसी के दबाव या कहने में आकर काम न करें। मेयर को सब पार्षदों को साथ लेकर शहर का विकास कराना चाहिए। हर पार्षद अपने वार्ड में विकास कराना चाहता है। मेयर भूपेंद्र सिंह के खिलाफ छह जनवरी को इनेलो, भाजपा और कांग्रेस समर्थित आठ समेत 17 पार्षद विपक्ष में खड़े हो गए थे।

24 में 17 पार्षदों ने रोहतक मंडल के आयुक्त समेत डीसी पानीपत को अपने शपथ पत्र सौंपे थे। उन्होंने मेयर भूपेंद्र सिंह की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी और उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने को लेकर बैठक बुलाने की मांग की थी।  
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