कब्जा कार्रवाई के दौरान खड़े ग्रामीण। संवाद
- कुटानी गांव में तालाब पर कब्जा कर कुछ लोगों ने बना लिए थे मकान
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। कुटानी गांव में तालाब की जमीन से कब्जा मुक्त कराने के लिए पहुंची टीम को विरोध झेलना पड़ा। तालाब की जमीन पर कब्जा करने वालों ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई के आरोप लगाए। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश पर कब्जा हटवाया जा रहा है। जिसके बाद टीम ने ग्रामीणों को दो दिन में जगह खाली करने का समय दिया है।
ग्राम सरपंच विनोद कुमार ने बताया कि कुटानी गांव में तालाब की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया था। यह मामला कोर्ट में पहुंच गया था। वर्ष 2022 में अदालत से जमीन को कब्जा मुक्त करने के आदेश दिए थे। लेकिन प्रशासन ने जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया। जिसके बाद गांव के ही रणधीर फौजी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। 17 सितंबर को हाईकोर्ट ने भी जमीन को एक माह के अंदर जमीन को कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए थे।
सोमवार को प्रशासन की टीम कब्जा हटवाने के लिए गांव में पहुंची थी। टीम के साथ थाना किला प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। टीम ने जैसे ही कब्जा हटवाने की कार्रवाई शुरू की तो ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने गलत कार्रवाई के आरोप भी लगाए हैं। ग्राम सरपंच ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर टीम आई थी। अब टीम ने दो दिन का समय दिया है। जिसमें सभी को अपना अपना कब्जा हटाना होगा। इसके बाद टीम द्वारा कब्जा हटवाया जाएगा।
कब्जा कार्रवाई के दौरान खड़े ग्रामीण। संवाद