पानीपत। दीवाना गांव स्थित रेलवे ओवरब्रिज के पास एक प्रवासी का अपहरण व लूट की वारदात झूठी निकली। श्रमिक ने अपने दोस्तों के साथ शराब पार्टी की थी। शराब के नशे में उसने अपने दोस्तों को पैसे निकलवाकर दे दिए थे।
नशे उतरने पर उसे यह बात याद आई। उसने घरवालों के डर से लूट की झूठी कहानी बनाकर पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस पूछताछ में इस मामले का भंडाफोड़ हुआ। अब पुलिस ने आरोपी की शिकायत को रद्द कर दिया है।
सेक्टर 29 थाने में दी शिकायत में झारखंड के पलामोर जिले सफीक अंसारी ने बताया था कि वह दीवाना गांव में किराए पर रहता है। वह यहां पर एक फैक्ट्री में काम करता है। वह वीरवार सुबह रेलवे ओवरब्रिज के पास घूम रहा था। इसी वक्त उसके पास एक बोलेरो गाड़ी से चार युवक उतरे और उस पर पिस्तौल तान दी। चारों ने उसे गाड़ी में करनाल के कोहंड की तरफ ले गए।
रास्ते में उन्होंने उससे चार हजार रुपये की नकदी,पर्स और मोबाइल फोन लूट लिया। इसके बाद बदमाशों ने उसका डेबिट कार्ड निकाल लिया। जबरन पिन पूछकर उसके खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए। बदमाशों ने उसका पर्स भी छीन लिया। शाम करीब साढ़े सात बजे बदमाशों ने उसे जीटी रोड पर नांगल खेड़ी के पास उतार दिया और फरार हो गए। इस शिकायत पर पुलिसने आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी थी। जांच में यह मनगढ़त कहानी मिली। सेक्टर 29 पुलिस थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि जांच में मामला झूठा पाया गया।