अंबाला। संगत ने गुरु महाराज की शहादत को नमन करते हुए गुरु चरणों में शीश नवाया। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज के शहीदी पर्व पर निकाले गए महान नगर कीर्तन में शहीदी गाथा का वर्णन कीर्तन व नाम सिमरण के माध्यम से किया गया। संगत ने बोले सो निहाल सतश्री अकाल के जयकारे लगाकर पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। छोटे बच्चों सहित युवाओं, बुजुर्गों व महिलाओं ने नगर कीर्तन में उत्साह और जोश के साथ हिस्सा लिया। इस मौके पर गुरुद्वारा साहिब के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
गोबिंद नगर गुरुद्वारा साहिब से हुआ आरंभ
छावनी के गोबिंद नगर स्थित श्री गुरुद्वारा सिंह सभा से दोपहर एक बजे नगर कीर्तन आरंभ हुआ। नगर कीर्तन पांच प्यारों की में निकाला गया। गुरुद्वारा साहिब से पूरे आदर-सत्कार के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को फूलों से सजी पालकी में सुशोभित किया गया।
बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
नगर कीर्तन के दौरान स्कूली बच्चों ने बैंड पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। भक्ति से ओत-प्रोत धुनों पर बच्चों ने नगर कीर्तन के पूरे मार्ग में जोश भरा, वहीं फौजी बैंड ने भी अलग-अलग भक्ति धुनों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। पूरे मार्ग को फूलों से सुशोभित किया गया और संगत ने भी इसमें पूर्ण सहयोग दिया।
बाजार में हुआ स्वागत
नगर कीर्तन का गली-मोहल्लों व चौराहों सहित प्रमुख बाजार में भी स्वागत किया गया। स्थानीय निवासियों सहित दुकानदारों और एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने नगर कीर्तन के दौरान संगत के बीच मिष्ठान प्रसाद सहित अन्य खाद्य व पेय पदार्थों का वितरण किया।