पानीपत। रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए रेलवे रक्षक डिवाइस लेकर आया है। इस डिवाइस की मदद से ट्रेन से करीब दो किलोमीटर दूरी पर ही सूचना मिल जाएगी। यह डिवाइस ट्रैकमैन, पेट्रोलमैन और कीमैन काे दिया जाएगा, इससे ट्रैक पर काम करते समय होने वाले हादसों को रोका जा सकेगा।
रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारी अक्सर दूर-दराज और खुले इलाकों में कार्य करते हैं जहां कई बार ट्रेन के आने की सूचना समय पर नहीं मिल पाती, ऐसे में दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने आधुनिक तकनीक से लैस रक्षक डिवाइस का प्रयोग शुरू किया है। यह डिवाइस कर्मचारियों की जेब में आसानी से रखी जा सकती है और ट्रेन के नजदीक आने पर यह बीप की आवाज देकर कर्मचारी को सतर्क कर देती है। यह डिवाइस रेलवे के सिग्नल सिस्टम से जुड़ी होती है और निर्धारित दूरी के भीतर ट्रेन के प्रवेश करते ही अलर्ट देना शुरू कर देती है। बीप की तेज आवाज के कारण कर्मचारी तुरंत सुरक्षित स्थान पर हट सकता है, जिससे दुर्घटना की संभावना काफी कम हो जाती है। पहले कई बार ऐसे मामले सामने आए हैं जब कर्मचारी काम में व्यस्त होने या आसपास के शोर के कारण ट्रेन के आने का अंदाजा नहीं लगा पाए और हादसे का शिकार हो गए। रक्षक डिवाइस इस जोखिम को कम करने की दिशा में एक प्रभावी कदम मानी जा रही है, उनके लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी, इससे वे अधिक आत्मविश्वास के साथ अपना कार्य कर सकेंगे।