पानीपत। शहर की करीब तीन दर्जन कॉलोनियों में पुरानी पेयजल पाइपलाइन 35 से 40 साल होने पर जर्जर हो चुकी हैं। ऐसे में घरों में दूषित पेयजल आ रहा है। इन सबके चलते पीने वाला पानी जहर के समान बन रहा है।
जिले में पिछले साल जून से अक्तूबर तक पांच महीने 15 लोगों की जान जा चुकी हैं।इनमें बड़ा कारण दूषित पेयजल सामने आया था। स्वास्थ्य विभाग ने पेयजल के नमूने लेकर जांच भी कराई थी। इसके साथ कनेक्शन की जांच करने पर करीब 50 स्थानों पर दूषित पानी की सप्लाई पकड़ में आई थी। जिम्मेदार विभागों ने उस समय कई दावे भी किए थे, लेकिन आज तीन महीने बाद भी स्थिति में व्यापक स्तर पर सुधार नहीं हो पाया है।
शहर में पेयजल सप्लाई की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। जन स्वास्थ्य विभाग की एक विंग नगर निगम के अंतर्गत काम कर रही है। शहर में कच्चा कैंप, शिवनगर, देशराज कॉलोनी व मॉडल टाउन में समेत करीब तीन दर्जन कॉलोनियों में पेयजल पाइपलाइन जर्जर हो चुकी हैं। ऐसे में पेयजल सप्लाई में परेशानी आ रही है। स्वास्थ्य विभाग ने पिछले चार साल में 1.27 लाख नमूने पानी के लिए हैं। इनमें से 34992 नमूने फेल आए हैं। देशराज कॉलोनी, काबड़ी रोड, भाटिया कॉलोनी, बतरा कॉलोनी, गोपाल कॉलोनी, कुलदीप नगर व अर्जुन नगर में सबसे अधिक दूषित पानी आ रहा है। इससे डायरिया जैसी बीमारी तक फेल रही हैं।