चुलकाना गांव में बैठे पुलिसकर्मी। संवाद
समालखा। अधिकारियों में तालमेल न होने पर चुलकाना गांव में वीरवार को कब्जा नहीं हटवाया जा सका। पुलिसकर्मी पूरा दिन गांव में टीम का इंतजार करते रहे। कानूनगो और पटवारी पैमाइश करने नहीं पहुंचे। ऐसे में 16 पुलिसकर्मी दिनभर इंतजार में बैठे रहे। जिम्मेदार अधिकारी अब एक दूसरे पर बात डाल रहे हैं।
चुलकाना में पंचायती रास्ते से कब्जा हटाया जाना है। प्रशासन ने जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ मोहित शर्मा को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट लगाया था। वहीं थाना समालखा सहित चुलकाना, हथवाला, समालखा और हल्दाना चौकी से पुलिस को सुरक्षा के लिए लगाया गया था। इसमें दो महिला सहित 16 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी।
पुलिस वीरवार सुबह 10 बजे पहुंच गई थी। वे सुबह से शाम पांच तक अधिकारियों के आने इंतजार करते रहे लेकिन कब्जा हटाने के लिए कोई अधिकारी नहीं आए।
जिम्मेदारों ने एक दूसरे पर डाला मामला
बीडीपीओ शक्ति सिंह ने बताया कि चुलकाना में रास्ते से कब्जा हटाया जाना है। निशानदेही करानी जरूरी थी। इसके लिए तहसील कार्यालय को पत्र लिखा गया था। ड्यूटी मैजिस्ट्रेट एसडीओ मोहित शर्मा ने बताया कि उन्होंने बीडीपीओ कार्यालय में कई बार फोन किया। कार्यालय से जल्द ही आने की बात कही गई लेकिन शाम तक कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा। नायब तहसीलदार कैलाश चंद ने बताया कि एसडीएम के निर्देश पर कानूनगो को निशानदेही के लिए करहंस गांव जाना पड़ गया।