पानीपत। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने शक में गिरफ्तार नोमान माता-पिता की मौत के पांच साल बाद भी उनके पासपोर्ट संभालकर रखे हुए था। इसके अलावा 2010 में अवधि समाप्त होने के बाद पासपोर्ट का लाभ उठा रहा था।
पुलिस की जांच में ये भी सामने आया है कि नोमान अपने शुरुआती पासपोर्ट पर 2010 तक चार बार पाकिस्तान गया है। इसके बाद वह 2017 में पाकिस्तान गया। पुलिस को 2017 में उसके पाकिस्तान वैध या अवैध रूप से जाने के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं है। आरोपी ने अपने नए पासपोर्ट की निशानदेही भी नहीं कराई है। पुलिस ने नोमान को 20 मई तक रिमांड पर लिया है। मंगलवार को उसका रिमांड का समय पूरा हो जाएगा।
पानीपत पुलिस की सीआईए-वन टीम ने 13 मई पानीपत पुलिस ने कैराना के नोमान इलाही को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पानीपत के सेक्टर-29 स्थित सज्जन चौक से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था। पुलिस आरोपी को साथ लेकर कैराना के बेगमपुरा बाजार स्थित घर लेकर गई थी। पुलिस को उसके घर की तलाशी में आठ पासपोर्ट मिले थे। इनमें से तीन पासपोर्ट कैराना के एक परिवार के थे। वहीं तीन पासपोर्ट में उनका खुद का, उनके पिता और माता का था। वह उनकी मौत के बाद भी दोनों के पासपोर्ट संभालकर रखे हुए था। पुलिस ने उनके संबंध में रविवार को उससे पूछताछ की थी। इसी तरह उनके पासपोर्ट पर यात्रा की जानकारी भी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से मांगी है। नोमान इलाही ने अपने व परिवार के बैंक खातों की बजाय दूसरे लोगों के बैंक खातों में पैसे मंगवाए थे। इनमें दिल्ली और देहरादून के कुछ युवक शामिल है। ब्यूरो