फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पारसनाथ पालीवाल सिटी, अंसल सिटी के स्वामियों पर दर्ज करें केस : बेदी

विज्ञापन
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में निर्देश देते मंत्री कृष्ण कुमार बेदी। संवाद
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

पानीपत। सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण, अनुसूचित जाति मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने पानीपत की रियल एस्टेट कंपनी पारसनाथ पालीवाल सिटी और अंसल सिटी के मालिकों पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया हैं।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में पुराने मामले में एक अन्य कंपनी के अधिकारियों को एक महीने में पर्याप्त सुविधा देने के निर्देश भी दिए। मंत्री ने अंसल कंपनी द्वारा सुपरवाइजर भेजने पर भी सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कंपनी अधिकारियों व मालिकों सरकार और मंत्री को हल्के में ले लिया। उनको जिला कष्ट निवारण समिति के चेयरमैन की शक्तियाें का पता नहीं है।
विज्ञापन

रियल एस्टेट कंपनियों से संबंधित कई शिकायतें आने पर प्रशासन को भी एक दिन अलग से बैठक करने की बात कहकर चुटकी ली। इसके साथ ही उन्होंने सरकार के स्तर पर सख्त फैसले लेने की बात कही। मंत्री सोमवार को जिला सचिवालय के द्वितीय तल स्थित सभागार में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में करीब 45 मिनट देर से पहुंचे। उनके सामने 13 मामले रखे। छह का मौके पर समाधान किया। सात को अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया। टीडीआई सिटी सेक्टर-38-39 के राकेश बंसल व अन्य की पिछली बैठक की लंबित शिकायत रही। इन लोगों ने आरोप लगाया कि 390 एकड़ में दो मंदिर के प्रस्ताव के बाद एक भी मंदिर नहीं है। कंपनी ने इनकी जमीन तक बेच दी। वहीं मस्जिद बनाने के लिए 10 लाख रुपये की राशि जारी कर दी। बिजली बिल जमा कराने की बजाय सोलर लाइट लगवा दी। इनकी रोशनी पर्याप्त नहीं है।
कॉलोनी की एक महिला ने कंपनी और शिकायतकर्ताओं पर मिलीभगत का आरोप लगाया। मंत्री बोले यह सब्जी मंडी नहीं है। मुझे पूछने दो और आप कौन हैं। इस मामले में मंत्री ने समिति ने दो अफसरों व समिति के 3 सदस्यों को शामिल कर पांच सदस्यीय कमेटी गठित की।
अंसल सुशांत सिटी के बीपीएल फ्लैट मालिक पवन कुमार और अन्य ने बताया कि यहां बिजली, सीवर व सड़क की कोई सुविधा नहीं है। वे इस बारे में कई बार शिकायत कर चुके हैं। हाउसिंग बोर्ड के कार्यकारी अभियंता ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा कि यहां सुविधाओं का अभाव है।
विज्ञापन

कंपनी की तरफ से सुपरवाइजर ने आगे आकर सफाई दी। मंत्री ने उनके बारे में पूछा और कहा कि कंपनी के मालिक व अधिकारियों ने सबको हल्के में ले लिया। खुद आने की बजाय सुपरवाइजर को भेज दिया। मंत्री ने कंपनी मालिक पर केस दर्ज करने के आदेश अफसरों को दिए। पारसनाथ पालीवाल सिटी के गुलशन कुमार तलवाड़ व अन्य ने बताया कि कंपनी ने 2007 में कॉलोनी काटी थी। उनके नाम रजिस्ट्री और इंतकाल भी हैं। कंपनी ने सड़क नहीं बनाई और बाद में यहां तारबंदी कर दी। अब कॉलोनी में आना-जाना तक बंद हो गया है। बिजली, पानी व सीवर तक का कनेक्शन नहीं किया है। ऐसे में मकान नहीं बना पा रहे हैं। कंपनी की तरफ से एजीएम प्रणेश पहुंचे। मंत्री ने कंपनी के मालिकों पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए। कहा, अगली बैठक में रिपोर्ट रखीं जाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें