इस गणतंत्र दिवस पानीपत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कार्यक्रम और वह शिवाजी स्टेडियम में ध्वजारोहण करेंगे। ऐसे में जिले के किसान और मजदूर संगठन विरोध में उतर आए हैं। वीरवार को सभी लघु सचिवालय पहुंच गए और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग रखी कि ध्वजारोहण न मुख्यमंत्री करें न ही कोई मंत्री, बल्कि आईएएस से ध्वजारोहण कराया जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें पानीपत में शांति चाहते हैं, न कि कैमला जैसे हालत। किसानों का कहना है कि वे नहीं चाहते कि पानीपत की शांति भंग हो। पानीपत में मुख्यमंत्री आते है तो किसान रोष जताने के लिए शिवाजी स्टेडियम चले जाएंगे, जिसके वहां पर कैमला जैसी स्थिति बन सकती है जो पानीपत के किसानों को मंजूर नहीं है। इस मौके पर किसान यूनियन के प्रधान कुलदीप बलाना, पूर्व उपप्रधान बिंटू मलिक, सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त शामिल रहे।
किसान यूनियन के पूर्व उपप्रधान बिंटू मलिक ने कहा कि शिवाजी स्टेडियम जिले के बीच में है, गणतंत्र दिवस समारोह में बच्चे व महिलाएं भी शामिल होते हैं। किसान आंदोलन के चलते इस कार्यक्रम में कोई व्यवधान नहीं पहुंचाना चाहिए, क्योंकि यह आबादी वाली जगह है। किसान आंदोलन की आड़ में उपद्रवी या बाहरी व्यक्ति उपद्रव कर सकते हैं। भारतीय किसान यूनियन शांति का माहौल चाहती है। उल्लखेनीय है कि पिछली बार करनाल के कैमला में किसानों ने मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरने नहीं दिया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री को लौटना पड़ा था। इस बार पानीपत में भी गणतंत्र दिवस पर ऐसी स्थिति बन सकती है।