इसराना। हाईवे के अलावा स्थानीय मार्गों पर अवैध यूनीपोल का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। पानीपत-गोहाना नेशनल हाईवे, मुख्य सड़कों, चौक-चौराहों और विभिन्न संपर्क मार्गों के किनारे बड़ी संख्या में यूनीपोल पर विज्ञापन बोर्ड लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना अनुमति लगाए गए इन यूनीपोल पर विज्ञापन बोर्ड के माध्यम से हर महीने लाखों रुपये का कारोबार हो रहा है, जबकि सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक किसी भी संबंधित विभाग ने इन होर्डिंग्स की वैधता की व्यापक जांच नहीं की है।
जानकारी के अनुसार इसराना उपमंडल में सैकड़ों छोटे-बड़े यूनीपोल लगे होने का अनुमान है। नियमानुसार किसी भी सार्वजनिक स्थान पर विज्ञापन बोर्ड लगाने के लिए संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेना और निर्धारित शुल्क जमा कराना अनिवार्य होता है, लेकिन इसराना क्षेत्र में नगर पालिका नहीं होने के कारण अनुमति देने और निगरानी की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं है। इसी स्थिति का लाभ उठाकर कई स्थानों पर बिना अनुमति बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड लगाए जाने की बात सामने आ रही है।
निजी संस्थानों और नेताओं के बोर्डों की भरमार :
नेशनल हाईवे और प्रमुख मार्गों पर निजी शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व राजनीतिक नेताओं के प्रचार संबंधी बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगे हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इनमें से कई बोर्ड बिना अनुमति लगाए गए हैं, जिससे सरकारी भूमि का भी उपयोग हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यूनीपोल नियमानुसार लगाए गए हैं तो उनकी अनुमति और शुल्क संबंधी जानकारी सार्वजनिक की जाए। यदि वे अवैध हैं तो उन्हें तत्काल हटाकर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी राजस्व की चोरी पर रोक लग सके।
एनएचएआई के मेंटेनेंस प्रभारी प्रांजल मिश्रा ने बताया कि डाहर से कैथ गांव बीच नेशनल हाईवे किनारे लगे यूनीपोल पर विज्ञापन बोर्ड का मामला संज्ञान में आया है। इसके लिए कर्मचारी सूची तैयार कर रहे हैं। सूची तैयार होते ही इन मालिकों को यूनीपोल हटाने के नोटिस भेजा जाएंगे। उसके बाद भी नहीं हटाए गए तो कार्रवाई होगी।